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किसानों को 421 करोड़ दिलाएगा वसंतकालीन गन्ना, कैसे होगा फायदा, इसके लिए पढ़ें ये खबर
Tue, 03 Mar 2020 05:31 PM IST
Dimple Sirohi
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 03 Mar 2020 05:31 PM IST
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sugar cane
- फोटो : amar ujala
वसंत कालीन गन्ने की बुवाई करके किसान बिना लागत बढ़ाए ही 421 करोड़ रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। उचित तापक्रम पर बुवाई करने से गन्ना बीज का न केवल जमाव ज्यादा होेता है, बल्कि प्रति हेक्टेयर उत्पादन में भी भारी वृद्धि होती है। साथ ही इंटर क्रॉपिंग सिस्टम के जरिये अन्य लाभकारी फसल उगाकर आमदनी को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान 70 फीसदी गन्ने की बुवाई ग्रीष्म काल (गेहूं कटाई के बाद मई-जून) में करते हैं। इसमें न केवल बीज का अंकुरण 30 फीसदी तक कम होता है बल्कि पौधे को बचाने के लिए सिंचाई भी ज्यादा करनी पड़ती है। इससे किसान की लागत बढ़ जाती है और उत्पादन कम होने से नुकसान होता है। साथ ही गन्ने की परिपक्वता अवधि कम होने के चलते चीनी रिकवरी कम होने से मिलों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।
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ऐसे होगा फायदा
उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र और जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत ने बताया कि मंडल में करीब 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा गन्ना रकबा है। इसमें 2 फीसदी शरदकालीन, 28 फीसदी वसंतकालीन और 70 फीसदी ग्रीष्मकालीन गन्ना बुवाई की जाती है। अगर किसान ग्रीष्मकालीन बुवाई की बजाय 28 फीसदी वसंत कालीन रकबे में 12 फीसदी की वृद्धि कर 40 फीसदी पर ले जाएं तो इससे मंडल में 36000 हेक्टेयर वसंत कालीन रकबा बढ़ जाएगा।
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ग्रीष्मकालीन गन्ना उत्पादन के सापेक्ष करीब 40 फीसदी ज्यादा उत्पादन के चलते किसानों को मंडल के औसतन 900 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने के सापेेक्ष 360 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बढ़कर 1260 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ना प्राप्त होगा।
यानी किसानों को बढ़े 36000 हेक्टेयर वसंत कालीन रकबे से 1 करोड़ 29 लाख 60 हजार क्विंटल गन्ना अधिक प्राप्त होगा, जो किसानों को 325 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 421 करोड़ रुपया अतिरिक्त दिलाएगा। इससे किसानों के साथ शुगर इंडस्ट्री को भी बढ़ी चीनी रिकवरी से लाभ मिलेगा।
अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की न करें बुवाई
त्रिवेणी शुगर लिमिटेड में कार्यरत महाप्रबंधक (गन्ना) डॉ. बीएस तोमर का कहना है कि किसान अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बुवाई ना करें। उन्नतशील एवं नवीनतम प्रजाति सीओ-0238, सीओ-0118, सीओ-98014, सीओ-5009, सीओएस-8272, सीओजे-88, सीओ-5011 आदि की ही बुवाई करें। ग्रीष्मकालीन गन्ना बुवाई के सापेक्ष वसंत कालीन गन्ने की बुवाई से गन्ने का जमाव भी 90 फीसदी तक होता है और उपज भी करीब 40 फीसदी ज्यादा निकलती है।