{"_id":"635aec6d3338fd729b38ae34","slug":"sp-s-tough-test-challenge-to-save-mayor-s-seat-meerut-news-mrt611170162","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ निकाय चुनाव: सपा की कठिन परीक्षा, महापौर की सीट बचाने के लिए बड़ी चुनौती, पढ़ें पूरा अपडेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ निकाय चुनाव: सपा की कठिन परीक्षा, महापौर की सीट बचाने के लिए बड़ी चुनौती, पढ़ें पूरा अपडेट
Fri, 28 Oct 2022 08:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2022 08:29 AM IST
सार
मेरठ में सपा अपने दम पर अभी तक महापौर पद प्राप्त नहीं कर सकी है। साल 2006 में महापौर पद पर समा समर्थित लीलावती की जमानत जब्त हुई थी और 10 पार्षद बने थे।
विज्ञापन
नगरीय निकाय चुनाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी की कठिन परीक्षा होगी। उनके लिए महापौर पद पर अपना प्रत्याशी बनाए रखना चुनौती होगा। मौजूदा महापौर सुनीता वर्मा बसपा से चुनाव लड़कर जीती थीं, बाद में सपा का दामन थामा था।
विज्ञापन
सपा ने तैयारी शुरू कर दी है। कुल 90 वार्ड में पार्षद के लिए 50 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। जातीय समीकरण के साथ उम्मीदवारों की ताकत की भी थाह ली जा रही है। दारमोदार आरक्षण पर है। अभी चर्चा अनुसूचित जाति या फिर सामान्य सीट आने की है। हालांकि सपा दोनों ही स्थिति में मौजूद महापौर को चुनाव लड़ा सकती है।
विज्ञापन
सपा अपने दम पर अभी तक महापौर पद प्राप्त नहीं कर सकी है। साल 2006 में महापौर पद पर समा समर्थित लीलावती की जमानत जब्त हुई थी और 10 पार्षद बने थे। नगर पंचायत लावड़ पर जीत हुई थी। साल 2012 में सपा समर्थित महापौर प्रत्याशी रफीक अंसारी हारे थे और चार पार्षद जीते थे। साल 2017 में महापौर प्रत्याशी दीपू मनोठिया हारीं और चार पार्षद जीते थे। नगर पालिका सरधना पर जीत हुई थी। इस बार निकाय चुनाव में सपा 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी जमीन की थाह भी लेगी।
विज्ञापन
साथ ही उस पर अपनी ताकत दिखाने का दबाव भी होगा। उनका महापौर होने के अलावा विधानसभा चुनाव में सपा के सात में से चार विधायक भी बने हैं। सपा महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पदों पर पूरी ताकत झोकेगी। इस बार रालोद का साथ भी सपा को मिलेगा। पिछली बार के चुनाव में रालोद का एक पार्षद जीता था।
यह भी पढ़ें: UP : बिजनौर-सहारनपुर जिला कारागार में बंदी भाइयों को तिलक कर बहनों ने मांगी दुआएं, लगी रहीं लंबी कतारें
कमेटी कर रही रणनीति तैयार
विधायक स्वामी ओमवेश, मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी और विधायक आशु मलिक की तीन सदस्यीय कमेटी बनी है, जो रणनीति तैयार कर रही है। यह कमेटी पिछले महीने मेरठ भी आई थी। इसके अलावा विधायकों से भी चर्चा की जाएगी, जिसके बाद मेरिट के हिसाब से उम्मीदवार तय होंगे। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव को पार्टी पूरी सक्रियता से लड़ेगी। तैयारी की जा रही है। वोट बनवाने पर जोर है। इस बार महापौर ही नहीं, पार्षद भी बड़ी संख्या में जीत दर्ज करेंगे।
यह भी पढ़ें: Muzaffarnagar : बुलेट पर सवार होकर निकले टिकैत, कार्यकर्ताओं को पढ़ाया अनुशासन का पाठ