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Meerut News: न्यूटिमा में युवक की मौत पर सिपाही भाइयों ने किया हंगामा
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न्यूटिमा में युवक की मौत पर सिपाही भाइयों ने किया हंगामा
मेरठ। न्यूटिमा अस्पताल में उपचार के दौरान युवक की मौत होने पर पीड़ित सिपाही भाइयों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने चिकित्सक पर ओवरडोज देने का आरोप लगाया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। इसके बाद पीड़ित परिजन शव लेकर अपने घर चले गए।
पुलिस के मुताबिक, बुलंदशहर निवासी उमेश शर्मा (30) को बुधवार को पैंक्रियाज का दर्द हुआ था। परिजनों ने उसी दिन उमेश को न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती करा दिया था। उमेश का एक भाई प्रदीप गाजियाबाद के दादरी थाने में सिपाही है और दूसरा भाई शिवकुमार सीआरपीएफ में सेवारत है। बृहस्पतिवार को चिकित्सक ने उसकी कई जांच कराई। पता चला कि उसकी किडनी, लीवर व आंत पूरी तरह डैमेज हो चुकी हैं। इसके बाद चिकित्सक ने उसका इलाज शुरू किया। शुक्रवार रात में उपचार के दौरान उमेश की मौत हो गई। अस्पताल में मौजूद मृतक के दोनों सिपाही भाइयों ने चिकित्सक पर ओवरडोज देने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मेडिकल पुलिस ने पहुंचकर पीड़ित भाइयों को समझाकर मामला शांत कराया।
उमेश बेहतर इलाज दिया
उमेश शर्मा को जिस वक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत ज्यादा गंभीर थी। इसकी जानकारी परिजनों को उसी समय दे दी गई थी। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। उमेश को बेहतर इलाज दिया गया है। -डॉ. संदीप गर्ग, प्रबंधक, न्यूटिमा अस्पताल
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मेरठ। न्यूटिमा अस्पताल में उपचार के दौरान युवक की मौत होने पर पीड़ित सिपाही भाइयों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने चिकित्सक पर ओवरडोज देने का आरोप लगाया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। इसके बाद पीड़ित परिजन शव लेकर अपने घर चले गए।
पुलिस के मुताबिक, बुलंदशहर निवासी उमेश शर्मा (30) को बुधवार को पैंक्रियाज का दर्द हुआ था। परिजनों ने उसी दिन उमेश को न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती करा दिया था। उमेश का एक भाई प्रदीप गाजियाबाद के दादरी थाने में सिपाही है और दूसरा भाई शिवकुमार सीआरपीएफ में सेवारत है। बृहस्पतिवार को चिकित्सक ने उसकी कई जांच कराई। पता चला कि उसकी किडनी, लीवर व आंत पूरी तरह डैमेज हो चुकी हैं। इसके बाद चिकित्सक ने उसका इलाज शुरू किया। शुक्रवार रात में उपचार के दौरान उमेश की मौत हो गई। अस्पताल में मौजूद मृतक के दोनों सिपाही भाइयों ने चिकित्सक पर ओवरडोज देने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मेडिकल पुलिस ने पहुंचकर पीड़ित भाइयों को समझाकर मामला शांत कराया।
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उमेश बेहतर इलाज दिया
उमेश शर्मा को जिस वक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत ज्यादा गंभीर थी। इसकी जानकारी परिजनों को उसी समय दे दी गई थी। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। उमेश को बेहतर इलाज दिया गया है। -डॉ. संदीप गर्ग, प्रबंधक, न्यूटिमा अस्पताल
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