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Meerut News: सोलर पैनल गांवों को करेगा रोशन, महिलाओं को मिलेगा रोजगार
Thu, 18 Dec 2025 01:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 18 Dec 2025 01:08 AM IST
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स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सूर्य सखी बनकर सोलर लाइटों की करेंगी निगरानी
-संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सोलर स्ट्रीट लाइट न सिर्फ गांवों को रोशन करेंगी, बल्कि ग्रामीण अंचल के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिलेगा। रोजगार पाकर महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी क्योंकि गांवों में लगने वाली सोलर स्ट्रीट लाइटों की देखरेख व मरम्मत की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं पर रहेगी।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजानाएं संचालित की जा रही हैं। समूहों की महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। समूहों की अनेक महिलाएं विद्युत सखी बनकर रोजगार पा रही हैं। वह विद्युत सखी बकाया बिजली बिल जमा कर अच्छा कमीशन पा रही है। इसी क्रम में गांवों में सोलर पैनल वाली लाइटें स्थापित की जाएंगी। इनकी देखरेख व मरम्मत आदि कार्य भी समूहों से जुड़ी महिलाओं को दिया जाएगा। इन महिला का नाम सूर्य सखी रखा जाएगा।
योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि वे सोलर पैनल लगाने, रखरखाव करने और चार्जिंग जैसे काम सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दें। इससे जनपद की महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे तकनीकी रूप से सशक्त होंगी।
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योजना का मुख्य उद्देश्य
-महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें नए रोजगार के अवसर देना
-सौर ऊर्जा (सोलर लाइट, चार्जिंग पॉइंट) के उपयोग और स्थापना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
-महिलाओं को सोलर उपकरणों की स्थापना, मरम्मत और रखरखाव का प्रशिक्षण देना
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-संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सोलर स्ट्रीट लाइट न सिर्फ गांवों को रोशन करेंगी, बल्कि ग्रामीण अंचल के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिलेगा। रोजगार पाकर महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी क्योंकि गांवों में लगने वाली सोलर स्ट्रीट लाइटों की देखरेख व मरम्मत की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं पर रहेगी।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजानाएं संचालित की जा रही हैं। समूहों की महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। समूहों की अनेक महिलाएं विद्युत सखी बनकर रोजगार पा रही हैं। वह विद्युत सखी बकाया बिजली बिल जमा कर अच्छा कमीशन पा रही है। इसी क्रम में गांवों में सोलर पैनल वाली लाइटें स्थापित की जाएंगी। इनकी देखरेख व मरम्मत आदि कार्य भी समूहों से जुड़ी महिलाओं को दिया जाएगा। इन महिला का नाम सूर्य सखी रखा जाएगा।
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योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि वे सोलर पैनल लगाने, रखरखाव करने और चार्जिंग जैसे काम सीखकर आत्मनिर्भर बन सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दें। इससे जनपद की महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे तकनीकी रूप से सशक्त होंगी।
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योजना का मुख्य उद्देश्य
-महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें नए रोजगार के अवसर देना
-सौर ऊर्जा (सोलर लाइट, चार्जिंग पॉइंट) के उपयोग और स्थापना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
-महिलाओं को सोलर उपकरणों की स्थापना, मरम्मत और रखरखाव का प्रशिक्षण देना