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धूम्रपान करने वालों को कोरोना से अधिक खतरा
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धूम्रपान करने वालों को कोरोना से अधिक खतरा
मेरठ। कोरोना वायरस पर ताप का कितना प्रभाव पड़ेगा, इसको लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन धूम्रपान और विटामिन डी की कमी से इस वायरस के दुष्परिणाम में वृद्धि होती है। नियमित योग एवं आयुर्वेदिक गिलोय, तुलसी, काली मिर्च, अदरक का काढ़ा पीने से प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इससे कोरोना के उपचार में लाभ होता है। ये बातें शुक्रवार को डीएन कॉलेज में रीसेंट ट्रेंड्स इन मैथमेटिकल एंड फिजिकल साइंसेज विषय पर इंटरनेशनल वेबिनार में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामकरण ने कहीं।
सऊदी अरब में कार्यरत डॉ .रामकरण ने एंजाइम प्रोटीन एवं उसको प्रभावित करने वाले कारकों जैसे ताप, दाब, लवणीय, वातावरण आदि के बारे में बताया। उन्होंने अपनी टीम के साथ मलेरिया, टायफाइड जैसी बीमारी की वैक्सीन पर कार्य करते हुए सस्ती एवं सुलभ वैक्सीन तैयार की है। इस समय कोविड-19 की वैक्सीन पर तेजी से कार्य चल रहा है। पेटेंट एवं सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि संभवत: सितंबर तक करोना वायरस की वैक्सीन भारत के बाजार में आ जाएगी। इसरो में वैज्ञानिक डॉ. गौरव जायसवाल ने सौर ऊर्जा पर प्रकाश डाला। बताया कि नैनो फैब्रिकेशन की सहायता से सूर्य की ऊष्मा को ऊर्जा में आसानी से परिवर्तित किया जा सकता है। जिसका उपयोग ऊर्जा के असीमित स्रोत में किया जा सकता हैं। गणित के कीनोट स्पीकर हायर कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी ओमान सल्तनत में कार्यरत प्रो. गणेश वेंकटरमन ने फ्लूड डायनामिक्स की विचित्र घटना जल डमरू पर प्रकाश डाला। बताया कि अमेरिका एवं अरब के बीच जल डमरू बनने से दोनों देश के क्रूज ऑयल के निर्यात के आवागमन में बाधा डालते हैं। अत: जल डमरू के समीकरणों को आसानी से हल करके जहाजों के डिजाइन में परिवर्तन करके आवागमन सुगम बनाया जा सकता है।
वीसी ने प्राचार्य को दी बधाई
सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के अनमोल छात्र-शिक्षण एवं शोध का समय इस प्रतिष्ठित कॉलेज में व्यतीत किया है। उन्होंने विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को छूते हुए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस नैनो टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताया। प्राचार्य डॉ. बीएस यादव को सफल आयोजन पर बधाई दी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि आज का युग मशीन का युग है। ऐस में गणित एवं विज्ञान विषयों के नवीनतम शोधों से इसका उपयोग मानव हित में होना चाहिए।
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इनका रहा विशेष सहयोग
कांफ्रेंस की अध्यक्षता अध्यक्षता कॉलेज की प्रबंध समिति के अवैतनिक सचिव अजय अग्रवाल ने की। पैट्रन प्राचार्य डॉ. बीएस यादव, कन्वीनर डॉ. एसके अग्रवाल, संयोजक डॉ. सुधीर कुमार रहे। टेक्निकल सेशन के चेयरपर्सन डॉ. एसके शर्मा, डॉ. हरिकिशन, डॉ. सतीश एवं डॉ. सीमा रही। इस सेशन का संचालन डॉ. जयंत तेवतिया एवं डॉ पृथ्वीराज ने किया। प्रेस प्रवक्ता डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि आज टेक्निकल सेशन में आए हुए 110 शोध पत्रों में लगभग 60 शोध पत्र मौखिक एवं पोस्टर रूप में प्रस्तुत किए गए। 600 लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से आर्गेनाईजेशन सेकेट्री डॉ. दीपाली जैन, डॉ. रुचि गोयल एवं डॉ. एमके यादव ने किया।
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मेरठ। कोरोना वायरस पर ताप का कितना प्रभाव पड़ेगा, इसको लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन धूम्रपान और विटामिन डी की कमी से इस वायरस के दुष्परिणाम में वृद्धि होती है। नियमित योग एवं आयुर्वेदिक गिलोय, तुलसी, काली मिर्च, अदरक का काढ़ा पीने से प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इससे कोरोना के उपचार में लाभ होता है। ये बातें शुक्रवार को डीएन कॉलेज में रीसेंट ट्रेंड्स इन मैथमेटिकल एंड फिजिकल साइंसेज विषय पर इंटरनेशनल वेबिनार में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामकरण ने कहीं।
सऊदी अरब में कार्यरत डॉ .रामकरण ने एंजाइम प्रोटीन एवं उसको प्रभावित करने वाले कारकों जैसे ताप, दाब, लवणीय, वातावरण आदि के बारे में बताया। उन्होंने अपनी टीम के साथ मलेरिया, टायफाइड जैसी बीमारी की वैक्सीन पर कार्य करते हुए सस्ती एवं सुलभ वैक्सीन तैयार की है। इस समय कोविड-19 की वैक्सीन पर तेजी से कार्य चल रहा है। पेटेंट एवं सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि संभवत: सितंबर तक करोना वायरस की वैक्सीन भारत के बाजार में आ जाएगी। इसरो में वैज्ञानिक डॉ. गौरव जायसवाल ने सौर ऊर्जा पर प्रकाश डाला। बताया कि नैनो फैब्रिकेशन की सहायता से सूर्य की ऊष्मा को ऊर्जा में आसानी से परिवर्तित किया जा सकता है। जिसका उपयोग ऊर्जा के असीमित स्रोत में किया जा सकता हैं। गणित के कीनोट स्पीकर हायर कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी ओमान सल्तनत में कार्यरत प्रो. गणेश वेंकटरमन ने फ्लूड डायनामिक्स की विचित्र घटना जल डमरू पर प्रकाश डाला। बताया कि अमेरिका एवं अरब के बीच जल डमरू बनने से दोनों देश के क्रूज ऑयल के निर्यात के आवागमन में बाधा डालते हैं। अत: जल डमरू के समीकरणों को आसानी से हल करके जहाजों के डिजाइन में परिवर्तन करके आवागमन सुगम बनाया जा सकता है।
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वीसी ने प्राचार्य को दी बधाई
सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी के अनमोल छात्र-शिक्षण एवं शोध का समय इस प्रतिष्ठित कॉलेज में व्यतीत किया है। उन्होंने विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को छूते हुए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस नैनो टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताया। प्राचार्य डॉ. बीएस यादव को सफल आयोजन पर बधाई दी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि आज का युग मशीन का युग है। ऐस में गणित एवं विज्ञान विषयों के नवीनतम शोधों से इसका उपयोग मानव हित में होना चाहिए।
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इनका रहा विशेष सहयोग
कांफ्रेंस की अध्यक्षता अध्यक्षता कॉलेज की प्रबंध समिति के अवैतनिक सचिव अजय अग्रवाल ने की। पैट्रन प्राचार्य डॉ. बीएस यादव, कन्वीनर डॉ. एसके अग्रवाल, संयोजक डॉ. सुधीर कुमार रहे। टेक्निकल सेशन के चेयरपर्सन डॉ. एसके शर्मा, डॉ. हरिकिशन, डॉ. सतीश एवं डॉ. सीमा रही। इस सेशन का संचालन डॉ. जयंत तेवतिया एवं डॉ पृथ्वीराज ने किया। प्रेस प्रवक्ता डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि आज टेक्निकल सेशन में आए हुए 110 शोध पत्रों में लगभग 60 शोध पत्र मौखिक एवं पोस्टर रूप में प्रस्तुत किए गए। 600 लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से आर्गेनाईजेशन सेकेट्री डॉ. दीपाली जैन, डॉ. रुचि गोयल एवं डॉ. एमके यादव ने किया।