स्मॉग शुरू, कई गुणा बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर, बीमारी से बचने के लिए बरतें ये सावधानी
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आसमान पर स्मॉग की चादर तनने लगी है। वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुणा बढ़ गया है। लिहाजा ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। खासकर सांस और साइनस के मरीजों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
दरअसल, वायु प्रदूषण से खतरनाक और काफी महीन कण नाक और मुंह के रास्ते फेफड़ों तक पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, सांस के मरीजों के लिए ये कण ज्यादा नुकसानदेह होते हैं। गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नुकसान पहुंचाते हैं। ये सांस की नली में सूजन बढ़ा देते हैं। छाती एवं सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा परेशानी सांस के मरीजों को होती है। एलर्जी, स्किन और आंखों की बीमारी भी हो सकती है। छाती एवं सांस रोग विशेषज्ञ प्रदूषण से अस्थमा और टीबी के मरीज परेशान होने लगते हैं। जब तक हवा की सेहत न सुधरे, अल सुबह और शाम घर से निकलने से बचना चाहिए।
मास्क का भी कर रहे इस्तेमाल
स्वास्थ्य विभाग की एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रचना टंडन बताती हैं कि मास्क प्रदूषण से बचा सकते हैं, लेकिन सर्जिकल मास्क से ज्यादा फायदा नहीं होता। एन 95 मास्क ही प्रदूषण से रोकथाम में सबसे कारगर होते हैं। हालांकि एन 95 मास्क रूटीन में ना पहनें। सर्जिकल मास्क साधारण मास्क है। यह मास्क प्रदूषण से लड़ने में बहुत प्रभावी नहीं है। यह सिर्फ कॉस्मेटिक इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
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ये बरतें सावधानी
- एलर्जी होने पर गर्म पेय पदार्थ ज्यादा पिएं।
- सुबह और शाम के समय दिक्कत लगे तो रुमाल से नाक-मुंह ढक लें।
- अस्थमा या एलर्जी वाले लोग दिक्कत होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
प्रदूषण से फिलहाल राहत के आसार नहीं
पिछले 24 घंटे में शहर की हवा के सेहत में कुछ सुधार हुआ है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 334 था, जो गुरुवार को गिरकर 291 पर आ गया। धूप खिलने और हवा चलने की वजह से दिन में यह सुधार देखा गया, रात की हवा में कोई खास सुधार नहीं हुआ। हरियाणा और पंजाब में जलाई जा रही पराली के चलते दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चपेट में है। मेरठ और आसपास भी पराली और कूड़ा जलाने की वजह से प्रदूषण अनियंत्रित हो रहा है।
प्रदूषण के कारण तापमान स्थिर
मौसम कार्यलय पर दिन का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री व रात का न्यूनतम 19.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 83 व न्यूनतम 45 प्रतिशत दर्ज की गई। आईआईएफएसआर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि दिन का तापमान में अभी और गिरावट की संभावना है। तापमान वायु प्रदूषण के कारण स्थिर है। हवाओं का रुख बदलने से मौसम में नमी और बढ़ेगी।
वायु प्रदूषण के स्तर में थोड़ा सुधार हुआ है। अभी और सुधार की जरूरत है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। - आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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