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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर सफर के लिए करना होगा इंतजार, दशहरा बाद रफ्तार पकड़ेगा काम

Sat, 05 Oct 2019 02:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sat, 05 Oct 2019 02:21 AM IST
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slow construction work on meerut delhi express way
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के 82 किलोमीटर के सफर पर चलने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। चार चरणों में बनाए जा रहे एक्सप्रेस-वे पर कई स्थानों पर अभी अड़चनें हैं। मेरठ क्षेत्र के परतापुर से सटे गांवों में कार्य बंद पड़ा है। करीब पांच महीनों से रुक रुककर काम हो रहा है। अधिकारी भी मान रहे हैं कि दशहरे बाद ही एक्सप्रेस-वे पर काम की रफ्तार बढ़ेगी।
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डासना से मेरठ (32 किमी) के चौथे चरण में चार गांवों की जमीन की समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है। वहीं, पहले बारिश की मार और अब मजदूरों के त्योहारों पर घर चले जाने से इस चरण में कार्य नाममात्र ही चल रहा है।
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इस चरण को पूरा करने का लक्ष्य पहले 31 अगस्त रखा था। इसके बाद अक्तूबर-2019 कर दिया गया। अब अधिकारियों ने लक्ष्य मार्च-2020 कर दिया है। वहीं तीसरे चरण में डासना से हापुड़ 22 किलोमीटर के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को जनवरी-2020 तक का समय दिया है।
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इंटरचेंज पर कार्य जस का तस
परतापुर में बनाए जाने वाले इंटरचेंज का कार्य कई महीनों से जस का तस है। वहीं, दिल्ली-मेरठ रेलवे लाइन को जोड़ने वाले पिलर भी खड़े कर लिए गए। इसके लिए भी गाटर भेज दिए गए, लेकिन इन्हें दिल्ली रोड से जोड़ने का कार्य शुरू नहीं हुआ।

हालांकि, कुछ स्थानों पर जेसीबी द्वारा मिट्टी को फैलाया जा रहा है। वहीं, परतापुर फ्लाईओवर के पास बन रहे अंडरपास का कार्य भी आगे नहीं बढ़ सका है। एनएच-58 पर हरिद्वार की तरफ बनाई जाने वाली सर्विस लेन का कार्य भी ठप है। इस तरफ 123 पेड़ों को हाईवे से हटाया जाना था लेकिन अभी 10 पेड़ शिफ्ट किए जाने बाकी हैं।

दूसरे चरण का कार्य भी मुश्किल
साहिबाबाद (गाजियाबाद)। जनवरी तक खासकर दूसरे चरण में यूपी गेट से डासना तक निर्माण कार्य पूरा होना मुश्किल दिख रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत रेलवे पुल को लेकर है। चिपियाना में अभी यह पुल बनना ही शुरू हुआ है, जबकि एक पुल को बनने में कम से कम 7-8 महीने का समय लगता है। इस हिसाब से पुल अप्रैल-मई तक तैयार हो पाएगा।
 

एनएचएआई ने दूसरे चरण का काम 6 नवंबर 2017 में शुरू किया था। इसकी डेडलाइन पहले दिसंबर 2018 फिर मार्च 2019 रखी गई थी। बाद में एनएचएआई अधिकारियों का यह कहना रहा कि निर्माण एजेंसी एफको चेतक से उनका करार मई 2020 तक है इसलिए मई ही उनकी फाइनल डेडलाइन है।

लालकुआं के पास चिपियाना में 120 मीटर की दूरी में रेलवे पर पुल बनना है। इस पुल को लेकर शुरू से लेटलतीफी चल रही है। रेलवे ने डेढ़ साल तो एनओसी देने में लगा दी। पुल का डिजाइन भी रेलवे ने खुद तैयार किया, लेकिन रेलवे के ही कंस्ट्रक्शन टीम ने इस डिजाइन पर आपत्ति जता दी। बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने बताया कि डिजाइन संबंधी विवाद को निपटा लिया गया है।

जल्द शुरू होगा काम
जनवरी तक यूपी गेट से डासना के बीच 14 लेन की सड़क तैयार कर दी जाएगी। यूपी गेट और छिजारसी कट के पास 14 लेन का दो पुल भी दिसंबर से जनवरी तक तैयार हो जाएगा। रेलवे पुल को लेकर चिंता है। इस पुल को डेडलाइन तक तैयार करने की कोशिश की जाएगी। वहीं, डासना से मेरठ चरण में मजदूरों के घर जाने से कार्य सुस्त है। दशहरे बाद ही कार्य रफ्तार पकड़ सकेगा। -आरपी सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

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