मेरठ के पौराणिक गांव गगोल में एक अप्रैल से अब तक 16 मौत, 50 मौतों की थी अफवाह
गांवों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने पांच अन्य गांवों का दौरा किया। उन्होंने गांववासियों से जागरूक होने सहित उपचार में देरी न करने के लिए बात की
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मेरठ जिले में पौराणिक गांव के रूप में मशहूर गगोल गांव में एक महीने में 50 मौतों की सूचना के बीच प्रशासन ने गांव में डेरा डाल दिया। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी के नेतृत्व ने स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर गांव वासियों से वार्ता की। जिसमे जांच के बाद पता चला कि एक अप्रैल से अब तक सिर्फ 16 मौत हुईं।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि पूर्व प्रधान की वजह से गलत संदेश वायरल करते हुए 50 लोगो की मौत बताई गई। इसी को देखते हुए मौका-मुआयना किया गया। हालांकि, जिन 16 लोगो की मौत हुई उन्हें पहले से भी कोई न कोई बीमारी थी।
इस पर भी उनके परिवारजनों से बातचीत की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर गहनता से जांच की। मेरठ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इस गांव की सीमा जिले से लगी हुई है। इस कारण भी प्रशासन अलर्ट हो गया था।
40 लोगो के लिए बयान
वहीं, 50 मौत की सूचना पर प्रशासन की ओर से 40 गांववासियों के बयान भी हस्ताक्षर के साथ दर्ज किए गए। जिसमे किसी भी ऐसी 50 मौतों को नही बताया गया। वहीं, जिला पंचायत सदस्य को भी बुलाकर बयान दर्ज कराए। इससे साफ हो गया कि 50 मौतों की सूचना गलत है।
पांच अन्य गांवों का किया दौरा
वहीं, गांवों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने पांच अन्य गांवों का दौरा किया। उन्होंने गांववासियों से जागरूक होने सहित उपचार में देरी न करने के लिए बात की। वहीं, कोई भी असुविधा होने पर तुरन्त कोविड हेल्पलाइन पर कॉल सूचित करने के लिए कहा।
50 मौत की खबर गलत है। हमने मौके पर जाकर जांच की। पूर्व प्रधान की ओर से गलत मेसेज फ्लैश किया गया। - शशांक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी