भाजपा के पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेयी समेत छह दोषमुक्त, तेरह साल तक चला मुकदमा, यह था मामला
- 11 अप्रैल 2006 को विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के दौरान सीएम के मेरठ आगमन का किया था विरोध।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 अप्रैल 2006 को वादी मुकदमा मौ. अब्बास ने थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया था कि जहां विक्टोरिया पार्क अग्निकांड हुआ था, वहां उस समय के यूपी के सीएम के मेरठ आगमन पर कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उन पर हमला करने की कोशिश की। जिसको सपा समर्थकों ने ने विफल कर दिया।
आरोप था कि उनके साथ गालीगलौज की, जान से मारने की नीयत से हमला किया था। जिनका नेतृत्व डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सच संस्था अध्यक्ष संदीप पहल, परमात्मा शरण कंसल, संदीप महाजन, सतीश गर्ग, सुनील शर्मा कर रहे थे।
यह मुकदमा 13 साल से न्यायालय में विचाराधीन था जिसके वादी मौ. अब्बास तथा महमूद इकबाल को पेश किया गया। वादी मुकदमा ने अदालत में पूर्व के बयान से मुकरते हुए कहा कि 30-40 लोगों की भीड़ में से नारेबाजी की गई थी।
मौके पर किसी के द्वारा भीड़ में डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, संदीप पहल, परमात्मा शरण कंसल, संदीप महाजन, सतीश गर्ग, सुनील शर्मा के नाम बताए गए थे। लेकिन मैंने उपरोक्त लोगों को स्वयं नहीं देखा। उनके नाम लोगों द्वारा बताए गए नामों के आधार पर लिखा दिए थे।
इन लोगों ने न तो पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई नारेबाजी की थी और न गालीगलौज या जान से मारने की धमकी दी थी। जिस पर गवाहों को पक्षद्रोही करार दिया गया। इस आधार पर एसीजेएम-4 अपूर्व सिंह ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
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