धर्म-कर्म : विशिष्ट योग में शुरू हो रहे श्रावण सोमवार, कर्क और कुंभ राशि वालों के लिए बन रहे ये विशेष योग
धनिष्ठा का अर्थ होता है सबसे धनवान। वैदिक ज्योतिष की गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले 27 नक्षत्रों में से धनिष्ठा को 23 वां नक्षत्र माना जाता है। इस योग में जन्में लोग बहुमुखी प्रतिभा और बुद्धि के धनी होते हैं। इस दिन किए शिव पूजन व रुद्राभिषेक से लक्ष्मी प्राप्ति के योग बनते है।
श्रावण के पहले सोमवार को कर्क और कुंभ राशि में दो विशेष ज्योतिषीय योग भी बन रहे हैं। श्रावण मास के पहले दिन ही दोपहर बाद बुध ग्रह कर्क राशि में प्रवेश कर गए हैं। जहां सूर्य पहले से ही विराजमान हैं। बुध के आने से कर्क राशि में सूर्य - बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है।
ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य योग को बहुत ही शुभ योग माना गया है। वहीं दूसरी ओर देवगुरु बृहस्पति कुंभ राशि में वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं। आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि गुरु को ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ ग्रह माना गया है।
सावन के पहले सोमवार को चंद्रमा भी कुंभ राशि में गोचर करेगें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा और गुरु की युति बनती है तो गजकेसरी योग का निर्माण होता है। गजकेसरी योग को बहुत ही उत्तम योग माना गया है।
सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा विधि पूर्वक करने से शुभ फल प्राप्त होता है। ज्योतिष वैज्ञानिक भारत ज्ञान भूषण ने बताया कि सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी स्नान आदि कर घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल और दूध के साथ धतूरा, बेलपत्र, पुष्प, गन्ने का रस आदि अर्पित करें। इसके साथ ही चन्दन अक्षत व फूल आदि से श्रृंगार करें इसके पश्चात भगवान की प्रिय चीजों को भोग लगाएं। शिव आरती और शिव चालीसा, शिव के 108 नामों के साथ इस मंत्र का जाप करें।