शिवा हत्याकांड: हमला करने के लिए लाठी-डंडे लेकर दौड़े ग्रामीण, सांप्रदायिक तनाव
मेरठ में दसवीं के छात्र शिवा उर्फ भोलू की हत्या के बाद जन आक्रोश चरम पर है। मंगलवार को नबीपुर के ग्रामीण नंगला साहू गांव में आरोपियों के घर हमला करने के लिए दो बार लाठी-डंडे लेकर दौड़े। लेकिन पुलिस फोर्स ने किसी तरह स्थिति संभाली। दोनों गांवों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति है। पीड़ित पक्ष ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने का ऐलान किया था। एसएसपी ने गांव में पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीणों ने 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए शव का अंतिम संस्कार किया।
इंचौली थाना क्षेत्र अंतर्गत नबीपुर गांव निवासी शिवा (14) पुत्र रणवीर सिंह सोमवार दोपहर परीक्षितगढ़ स्थित सरस्वती कॉलेज से पढ़ाई कर साइकिल से लौट रहा था। नंगला साहू के जंगल में बदमाशों ने शिवा की अपहरण के बाद हत्या कर दी थी। बदमाशों ने शिवा को बंधक बनाकर परिजनों से 65 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी। ग्रामीणों को अंदेशा है कि शिवा की हत्या दूसरे समुदाय के लोगों ने की है। इसको लेकर नबीपुर के ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। सोमवार रात करीब 2:30 पोस्टमार्टम के बाद शिवा का शव नबीपुर गांव में पहुंच गया था। मंगलवार सुबह से ही आसपास के गांव से लोगों की भीड़ नबीपुर पहुंचने लगी। सांप्रदायिक टकराव न हो जाए, इसको देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात की गई है।
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नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
ग्रामीणों ने सुबह ही ऐलान कर दिया था कि जब तक हत्यारोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, वह शिवा के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन के होश उड़ गए। हालात को देखते हुए एसएसपी मंजिल सैनी दहल खुद नबीपुर गांव पहुंचीं। एसएसपी ने परिजनों और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जल्द गिरफ्तारी कर उनको जेल भेजेेंगे। तभी ग्रामीण माने और अंतिम संस्कार किया।
सलाखों के पीछे होंगे आरोपी
ग्रामीणों ने एसएसपी के सामने पुलिस अफसरों को अल्टीमेटम दिया कि अगर तीन दिन में इस केस का खुलासा नहीं हुआ तो वह सड़कों पर आंदोलन करेंगे। एसएसपी को उनके ही ऑफिस में घेरेंगे। शिवा को बेरहमी से मारा गया। वह बंधक हालत में मिला था, जो बर्दाश्त नहीं होगा। हत्यारोपी दूसरे समुदाय के हो सकते हैं। अगर उनको बचाने की कोशिश हुई तो अंजाम ठीक नहीं होगा। एसएसपी ने कहा कि 72 घंटे में आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
पुलिस और पीएसी तैनात
एसएसपी ने बताया कि नबीपुर, लालपुर और नंगला साहू गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात है। किसी ने माहौल खराब करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शिवा हत्याकांड का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और पुलिस की कई टीमें लगी हैं।
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एसएसपी ने क्राइमसीन कराया, मिले कई सुबूत
शिवा के अंतिम संस्कार के बाद एसएसपी पुलिस फोर्स को लेकर मंगलवार दोपहर फिर घटनास्थल पर पहुंचीं। एसएसपी ने क्राइमसीन कराया तो कई सुबूत हाथ लगे। खून से सनी एक शर्ट, दो बनियान और एक चप्पल मिली है, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया। वहीं घटनास्थल से 50 मीटर की दूरी पर शिवा की साइकिल और स्कूल बैग मिला। करीब तीन घंटे पुलिस ने जंगल में ड्रोन उड़वाकर कांबिंग कराई। पुलिस को अंदेशा है कि हत्यारोपी जंगल में देर रात तक छुपे रहे।
नहीं मचाया शोर
पुलिस ने नंगला साहू गांव से दूसरे समुदाय के आठ लोगों को हिरासत में लिया है। शिवा का शव किसान मुस्तफा के खेत में मिला था, उससे भी पूछताछ की गई। ट्यूबवेल के पास खेत में काम करने वाले दो युवकों को बोतल में पानी ले जाते देखा, लेकिन शोर नहीं मचाया। कई बार दो युवक बार-बार ट्यूबवेल पर आए थे, उसको शक तो हुआ। लेकिन उसने पुलिस को बताने की जहमत नहीं उठाई। एसएसपी ने भी इन आठ लोगों से खुद पूछताछ की।
महिला सिपाही के हंसने पर भड़के ग्रामीण
नबीपुर गांव में शव आने के बाद घर में कोहराम मचा हुआ था। वहीं, एक महिला कांस्टेबल एक तरफ खड़े होकर बात करते हुए हंस रही थी। जिसको लेकर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने एसएसपी को फोन कर कहा कि मैडम! एक तरफ गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं आपकी महिला सिपाही हंस रही है।
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शव लाते वक्त हादसा टला
सोमवार रात करीब ढाई बजे पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीण शिवा का शव एंबुलेंस से लेकर नबीपुर गांव के लिए चले। भावनपुर थाने से कुछ दूरी पर ही चलती एंबुलेंस का पहिया निकल गया। जिससे एंबुलेंस खाई में गिरते- गिरते बची। स्पीड कम होने के कारण हादसा टल गया। वहीं, हत्या की जानकारी पर ग्रामीण मोर्चरी के लिए चल दिए। तभी ट्रैक्टर ट्रॉली का पहिया कुछ दूरी पर निकल गया। उस वक्त भी हादसा होते-होते बचा।
एसओ के खिलाफ गुस्सा
ग्रामीणों में एसओ भावनपुर करतार सिंह के खिलाफ भी गुस्सा है। सूचना देने के बावजूद एक घंटा देरी से एसओ मौके पर पहुंचे थे। लोगों ने जिन लोगों के नाम पुलिस को बताए, उनको हिरासत में लेने में भी एसओ टालमटोल कर रहे थे।
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