वसीम रिजवी ने देवबंद को बताया आतंक का चेहरा, मौलाना ने दिया करारा जवाब
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अपने बयानों को लेकर चर्चित रहने वाले उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने इस बार देवबंद को आतंक का चेहरा बताया है। उन्होंने देवबंद का नाम बदलने की मांग करते हुए कहा, ‘इसी छवि के कारण देवबंद बदनाम हो रहा है।’ दारुल उलूम और यहां से जारी फतवों पर भी उन्होंने कई सवाल उठाए हैं।
शुक्रवार को फोन पर बातचीत में रिजवी ने कहा कि देवबंद की पहचान आतंक के चेहरे के रुप में बन चुकी है। इसलिए इसका नाम बदला जाना बेहद जरूरी है। नाम बदनाम होने की एक वजह यहां से जारी होने वाले फतवे भी हैं। जिनकी वजह से पूरे मुल्क के मुसलमानों पर छींटाकशी की जाती है। जहां फतवों की जरूरत होती है वहां पर डर की वजह से उलमा फतवे नहीं देते। आपत्तिजनक फतवे जारी करना इनकी आदत बन गई है। जबकि यहां से जारी होने वाले फतवों को मुस्लिम समाज ही नहीं मानता है। रिजवी ने यह भी कहा कि देवबंदी और दूसरी सुन्नी जमातों में बहुत अंतर है। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे पता है, नाम बदलने से कुछ नहीं होगा, लेकिन जिन लोगों (उलमा) की वजह से नाम बदला जाएगा, कम से कम उन्हें शर्म तो आएगी।
तवज्जो देने लायक नहीं हैं रिजवी : फारूकी
फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारूकी का कहना है कि मौलाना कल्बे जव्वाद समेत तमाम बड़े शिया उलमा ही वसीम रिजवी को गैर जिम्मेदार इंसान करार दे चुके हैं। जब उनके लोग ही उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते और उन्हें जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मानते हैं तो फिर कोई और उन्हें तवज्जो क्यों दे? हमें भी रिजवी के बयानों पर किसी भी तरह से ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
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