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 शहर को गंदा कर कैंट को बना रहे स्मार्ट   

Fri, 29 Jun 2018 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 29 Jun 2018 12:59 AM IST
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sheher ko ganda kar cantt bana smart
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शहर को गंदा करके कैंट को स्मार्ट बनाया जा रहा है। जी हां, स्वच्छ कैंट, स्वस्थ कैंट का नारा देने वाला कैंट बोर्ड खुद को तो साफ करने में लगा है, लेकिन उसे शहर की चिंता नहीं है। बोर्ड ने आज तक कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की जरूरत नहीं समझी। कैंट से कूड़ा उठाकर अब्दुल्लापुर में खुले में डाला जा रहा है। 
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कैंट बोर्ड की स्थापना सन 1803 में हुई थी। फिलहाल यहां जनसंख्या तकरीबन 75 हजार हैं। सेना के जवानों और परिवारों की संख्या 21 हजार के करीब है। करीब एक लाख के आबादी वाले कैंट क्षेत्र में आठ वार्ड हैं। कैंट शुरुआत से हरियाली और विकास कार्य के लिए जाना जाता रहा है। रिवेन्यू के मामले में भी कैंट पीछे नहीं है। यहां कैंट बोर्ड के अध्यक्ष आर्मी के कमांडर होते हैं। सीईओ बैठते हैं। कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष का चुनाव होता है। पिछले कई साल से कैंट को देश की 56 छावनियों में सबसे स्मार्ट बनाने की कवायद की जा रही है, लेकिन बोर्ड क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या को ही भूले बैठा है। नगर निगम की तरह कैंट बोर्ड भी कूड़ा निस्तारण की समस्या को लेकर कोई ठोस प्लानिंग नहीं बना पाया। बोर्ड सदस्य भी सिर्फ मांग रखते हैं और कुछ दिनों फिर से मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।  
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रोज निकलता है 50 टन से ज्यादा कचरा 
359 एकड़ क्षेत्र में फैले कैंट में 10 हजार 400 घर हैं। दो हजार दुकानें हैं। सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या मिलाकर 280 है। यहां पर रोजाना 50 टन से ज्यादा कूड़ा-कचरा निकलता है। कैंट क्षेत्र में इस कूड़े को एकत्र करने के लिए 20 बड़े कचरा घर हैं। इस कचरे को कैंट बोर्ड की गाड़ियां भरकर परीक्षितगढ़ रोड पर अब्दुल्लापुर के पास खुले में डाल रही हैं। ड्राइवर मौका मिलते ही कचरे को सड़क किनारे डाल देते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि कैंट बोर्ड ने खुद को स्मार्ट बना भी लिया तो अपने कूड़े से वो शहर को गंदा क्यों कर रहा है। 
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शुरू किया था प्रोजेक्ट 
कैंट बोर्ड के प्रवक्ता एमए जफर का कहना है कि कंपनी गार्डन के पास एक छोटा कूड़ा निस्तारण प्लांट शुरू किया था। इसका काफी अच्छा रिजल्ट रहा। इसे बड़े स्तर पर शुरू करने की बात हो रही थी कि तभी सीईओ का तबादला हो गया। सीईओ इस जगह का दौरा करेंगे। जल्द ही इस समस्या पर कार्य होगा। 
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