फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Shamli: Stone crusher closed, Panipat-Khatima Fourlane construction may be behind by three months

शामली: स्टोन क्रेशर बंद, तीन माह पिछड़ सकता है पानीपत-खटीमा फोरलेन निर्माण, ये है बड़ी वजह

Tue, 17 Nov 2020 08:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 17 Nov 2020 08:09 PM IST
सार

  • - रोड़ी नहीं मिलने से प्रभावित हो रहा हाईवे और बाईपास के निर्माण का काम 
  • - प्रदूषण के चलते बंद पड़े हैं उत्तराखंड और हरियाणा के स्टोन क्रेशर 

विज्ञापन
Shamli: Stone crusher closed, Panipat-Khatima Fourlane construction may be behind by three months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा, उत्तराखंड एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्टोन क्रेशर बंद होने से रोड़ी-बजरी की कमी हो गई है। जिस कारण जनपद में निर्माणाधीन हाईवे का काम प्रभावित होने लगा है। पर्याप्त सामान नहीं मिलने के कारण जनपद में चल रहे फोरलेन और बाईपास का काम दो से तीन महीने तक पिछड़ सकता है।
विज्ञापन


शामली जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर, पानीपत-खटीमा फोरलेन निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा बाईपास भी बन रहे हैं। हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रदूषण के चलते स्टोन क्रेशर बंद चल रहे हैं।
विज्ञापन


स्टोन क्रेशर बंद होने से दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग समेत जिले के निर्माणाधीन हाईवे व बाईपास में प्रयोग होने वाली रोड़ी-बजरी कम मिल पा रही है। जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग का प्रथम चरण का एलम बाईपास को छोड़कर 90 प्रतिशत कार्य पूूूरा हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरे चरण में सिक्का, हरड़ फतेहपुर गांव, थानाभवन, जलालाबाद कस्बों को छोड़कर  शामली से दस किमी तक फोरलेन, 20 किमी दो लेन का कार्य पूरा हुआ है। दिल्ली-शामली-सहारनपुर फोरलेन की निर्माण एजेंसी कृष्णा कंस्ट्रेक्शन कंपनी  मेेरठ का कार्य देख रहे जितेंद्र बालियान ने बताया कि हरियाणा के चरखी दादरी से रोड़ी-बजरी नहीं आ रही है, जिससे निर्माण सामग्री कम पड़ रही है।

सर्दी के दो-तीन माह तक हाईवे का कार्य प्रभावित हो सकता है। हाईवे में प्रयोग होने वाली सामग्री हरियाणा के चरखी दादरी, यमुनानगर, उत्तराखंड के रायपुर, बिहारीगढ़ आदि में चलने वाले स्टोन क्रेशर से आती है जो फिलहाल बंद चल रहे हैं।

एलम बाईपास का भूमि अधिग्रहण पूरा, मिट्टी कार्य तेज
जाम से मुक्ति के लिए दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर एलम में बाईपास प्रस्तावित है। प्रथम चरण में एलम बाईपास शामिल है। इसका भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा हो चुका है। 1.8 मीटर लंबाई के एलम बाईपास के लिए 30 मीटर भूमि अधिग्रहण की गई है। मिट्टी का कार्य पूरा हो चुका है।

रोड़ी-बजरी डालकर तारकोल का कार्य अवशेष है। एलम कस्बे से बाहर कांधला की ओर एक रेस्टोरेंट के पश्चिमी क्षेत्र से बाईपास शुरू होकर नाला गांव की ओर से एलम कस्बे से बाहर दक्षिण में गैस एजेंसी के पास निकलेगा। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही एलम बाईपास तैयार  हो जाएगा। 

90 लाख रुपये का पाइप लाइन का इस्टीमेट बनाकर भेजा
दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट सलाहकार दिनेश सिंघल ने बताया कि हाईवे का निर्माण कार्य सिक्का, हरड़ फतेहपुर, थानाभवन और जलालाबाद कस्बे में छोड़ दिया गया है।

दो गांव और कस्बों में पाइप लाइन का 90 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के माध्यम से नई दिल्ली को भेजा गया है। प्राधिकरण से इस्टीमेट की धनराशि अवमुक्त होने के बाद पाइप लाइनों को हाईवे की जद से बाहर निकालकर शिफ्ट किया जाएगा।  पाइप लाइन निर्माण के बाद खंभे शिफ्टिंग कार्य पूरा किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed