कस्टडी रिमांड पर तीन खालिस्तान समर्थक, इन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस
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शामली में राइफल लूट प्रकरण में गिरफ्तार किए गए खालिस्तान समर्थक तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस, एटीएस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ शुरू कर दी है। इनसे कई अहम सवालों के जवाब मांगे जाने हैं और यमुना खादर में इनके नेटवर्क का पता लगाने में टीमों ने बाकायदा पूछताछ के लिए अलग प्रारूप तैयार किए हैं। वहीं, गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर में गिरफ्तार गिरोह सरगना जर्मन सिंह को भी पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
झिंझाना थाना क्षेत्र में चौसाना-बिडौली मार्ग पर दो अक्तूबर को एक सिपाही और होमगार्ड पर हमला करके एक इंसास और एक थ्री नॉट थ्री राइफलें लूटी गई थीं। 14 अक्तूबर को पुलिस के साथ मुठभेड़ में गुरुजेन्ट सिंह निवासी धलावली, गंगोह (सहारनपुर), अमरीत उर्फ अमृत सिंह निवासी करनाल (हरियाणा) और झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना फार्म निवासी गुरुद्वारे के ग्रंथी करम सिंह गिरफ्तार हुए थे। इनके पास से दोनों राइफलें और अन्य हथियार पुलिस ने बरामद किए थे। जबकि गिरोह सरगना जर्मन सिंह और करमा फरार हो गए थे। एडीजी प्रशांत कुमार ने दावा किया था कि इस गिरोह का संबंध खालिस्तान समर्थक खालसा ग्रुप से है और लूटे गए हथियारों से पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैली में फायरिंग कर अराजकता फैलाई जानी थी।
गुरुवार को शामली पुलिस ने करमा और पंजाब पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से जर्मन को भी गिरफ्तार कर लिया। पूर्व में पकड़े गए तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को 10 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल कर लिया। दोपहर करीब दो बजे तीनों आरोपियों को लेकर पुलिस झिंझाना थाने पहुंची। इसके बाद पुलिस, एटीएस और खुफिया एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ करने में जुट गईं। झिंझाना थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह का सरगना जर्मन सिंह निवासी अजीजपुर (झिंझाना) को भी पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
इन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस
कौन-कौन हैं गिरोह में? : राइफल लूटने वाले गिरोह का सरगना जर्मन सिंह खालिस्तान समर्थकों से जुड़ा हुआ है। उसके फेसबुक अकाउंट पर खालिस्तान समर्थकों की पोस्ट, फोटो सहित विभिन्न सामग्री का प्रचार प्रसार किया जा रहा था। पुलिस जानने का प्रयास करेगी, इनके संपर्क में कितने लोग रहे हैं, जो खालिस्तान समर्थकों से जुड़े हुए हैं और वे कहां कहां के रहने वाले हैं?
कैसे बनाई राइफल लूट की प्लानिंग? : पुलिसकर्मियों को टारगेट बनाकर राइफलें लूटने की योजना किसके इशारे पर बनाई गई थी? राइफल लूटने का टास्क आरोपियों को किसने दिया था? क्या इस कार्य को करने के लिए आरोपियों का कोई सौदा हुआ था? यदि सौदा हुआ था, तो वह किससे किया गया था?
बादल की हत्या की साजिश में कौन? : राइफल लूटने के पीछे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रैलियों में गोलियां बरसाने की साजिश बताई गई थी। कस्टडी रिमांड पर लिए गए आरोपियों से यह भी पूछा जा रहा है कि बादल पर हमले की साजिश कौन रच रहा था? किसने आरोपियों को इसके लिए तैयार किया था कि शामली जिले से राइफलें लूटकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री पर हमला किया जाए तथा इसकी क्या प्लानिंग बनाई गई थी?
वारदात के बाद कहां जाकर छिपे थे ? : आरोपियों से यह भी पूछा जाएगा कि राइफल लूटने के बाद वे कहां जाकर छिपे थे? लूटी गई राइफलों को सबसे पहले कहां रखा गया था? गुरुद्वारा के ग्रंथी से भी पूछा जाएगा कि लूटी गई राइफलों को किस तरह छिपाकर रखा था और कितने समय से वह खालिस्तान समर्थकों के संपर्क में रहा है?
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