UP: इतिहासकार केडी शर्मा के बयान पर पलटवार, शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन बोले- मस्जिदों पर आंच नहीं करेंगे बर्दाश्त
Meerut News : इतिहासकार केडी शर्मा के बयान पर शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों पर आंच बर्दाश्त नहीं करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इतिहासकार केडी शर्मा द्वारा शाही जामा मस्जिद के निर्माण को लेकर किए दावे के बाद शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने कड़ी नाराजगी जताई है। शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले शहरकाजी ने कहा कि शाही जामा मस्जिद में मीडिया के प्रवेश को लेकर दोनों दरवाजे बंद रहेंगे और पूरी तरह पाबंदी रहेगी। मस्जिद में किसी तरह की फोटोग्राफी भी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि इतिहासकार के केडी शर्मा को पता होना चाहिए मेरठी लोग इतिहास को जानते हैं। शाही जामा मस्जिद में किसी एक आदमी का खून नहीं बहाया गया। बिना किसी विवाद के शाही मस्जिद की तामील हुई है। महमूद गजनवी कभी मेरठ आया ही नहीं है। पिलर मिलने की बात पर उन्होंने कहा क्या सबूत है कि वो शाही जामा मस्जिद से लाए गए हैं। शाही जामा मस्जिद चूने और मिट्टी की बनी हुई है तो यहां पत्थर के पिलर कहां से आ गए। केडी शर्मा के दावे बेबुनियाद और झूठे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे दावे मजबूत हैं और हमें किसी का खौफ नहीं है। देश के हालात को लेकर कहा कि हुकूमत की सरपरस्ती में जुल्म हो रहा है। एक पुलिसकर्मी ने ट्रैन में तीन मुसलमानों को गोली मार दी। किसी सरकारी आदमी या किसी अन्य ने अफसोस तक जाहिर नहीं किया। हमारी हुकूमत फिरकापरस्तों की पैरवी कर रही है। मुल्क के हालात बेहद खराब हैं, ऐसा लगता है कि यहां पर फिरकापरस्ती की आंधियां चलने वाली हैं। ऐसे में हमें हौसले के साथ काम लेना चाहिए।
यह भी पढ़ें: आतंकी गिरफ्तार: पाकिस्तान से अफगानिस्तान जाकर बनना चाहता था बद्री कमांडो, फोन में मिली आपत्तिजनक सामग्री
मस्जिदों पर आंच नहीं करेंगे बर्दाश्त
नमाज से पहले शाही जामा मस्जिद में कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि मस्जिदों पर आंख उठाकर देखने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। कहा कि मस्जिदों पर आंच अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़ें: पंचायत का फैसला: बिन ब्याही मां से ही शादी करेगा प्रेमी, इनकार किया तो हुक्का-पानी बंद करने का सुनाया फरमान