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Meerut News: शहर के दो धार्मिक संक्षेप न्यूज...
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पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का पावन पर्व : आचार्य प्रदीप सेमवाल
मेरठ। प्रयागेश्वर महादेव मंदिर मोती प्रयाग गढ़ रोड में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारम्भ श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में हुआ। इस अवसर पर महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीमद्भागवत को विराजमान किया गया। कथा व्यास आचार्य प्रदीप सेमवाल ने कहा कि पितृपक्ष केवल तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान का समय नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के संस्कार और जीवन-मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर ईश्वरी दत्त, जगदीश जोशी, नीता गौड़, डॉ. अतुल गौड़ सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
......
युवा पीढ़ी को गुरबाणी से जोड़ना समय की आवश्यकता : जगमीत सिंह मीत
मेरठ। गुरुद्वारा सत्संग सदर में आयोजित अमृतरस कीर्तन समागम में प्रसिद्ध कीर्तनीय भाई जगमीत सिंह मीत ने कहा कि युवा पीढ़ी को गुरबाणी और गुरु घर से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की सच्ची सेवा उनकी वाणी को पढ़ने, सुनने और जीवन में अपनाने से होती है। भाई मीत ने मनमोहक गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से गुरुद्वारों और गुरबाणी से जोड़ने की जिम्मेदारी माता-पिता की है। बीर खालसा दल ने युवाओं को गुरमत विचारों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। समागम में सनी बख्शी, देवेन्द्र सिंह रहे।
मेरठ। प्रयागेश्वर महादेव मंदिर मोती प्रयाग गढ़ रोड में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारम्भ श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में हुआ। इस अवसर पर महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीमद्भागवत को विराजमान किया गया। कथा व्यास आचार्य प्रदीप सेमवाल ने कहा कि पितृपक्ष केवल तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान का समय नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के संस्कार और जीवन-मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर ईश्वरी दत्त, जगदीश जोशी, नीता गौड़, डॉ. अतुल गौड़ सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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युवा पीढ़ी को गुरबाणी से जोड़ना समय की आवश्यकता : जगमीत सिंह मीत
मेरठ। गुरुद्वारा सत्संग सदर में आयोजित अमृतरस कीर्तन समागम में प्रसिद्ध कीर्तनीय भाई जगमीत सिंह मीत ने कहा कि युवा पीढ़ी को गुरबाणी और गुरु घर से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की सच्ची सेवा उनकी वाणी को पढ़ने, सुनने और जीवन में अपनाने से होती है। भाई मीत ने मनमोहक गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से गुरुद्वारों और गुरबाणी से जोड़ने की जिम्मेदारी माता-पिता की है। बीर खालसा दल ने युवाओं को गुरमत विचारों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। समागम में सनी बख्शी, देवेन्द्र सिंह रहे।
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