फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Asian Games: Parul Chaudhary Wins Bronze Medal, Celebrations in Her Hometown Iklota Meerut

एशियन गेम्स : पारुल को पदक, परिवार में जश्न, इकलौता गांव में परिजनों ने बांटी मिठाई, आज स्वर्ण पर नजर

Mon, 28 Sep 2026 12:33 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 28 Sep 2026 12:33 PM IST
सार

मेरठ की पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। पदक जीतने पर इकलौता गांव में परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई। वहीं आज पारुल की नजर स्वर्ण पदक पर रहेगी।

विज्ञापन
Asian Games: Parul Chaudhary Wins Bronze Medal, Celebrations in Her Hometown Iklota Meerut
पारुल चौधरी, एथलीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के इकलौता गांव की पारुल चौधरी ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स में 3000 मीटर स्टीपल चेज में प्रतिभाग करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता। उन्होंने 9 मिनट 8.67 सेकंड का समय लेकर यह पदक जीता और नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया। पदक जीतने पर उनके इकलौता गांव में भी खुशी का माहौल है। उनके परिजनों ने भी मिठाई बांटकर खुशी मनाई। 

विज्ञापन


9 मिनट 8.67 सेकंड में जीता कांस्य
पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 में 3000 मीटर स्टीपल चेज में पदक जीतने के साथ ही अपना पर्सनल बेस्ट भी बनाया है। उन्होंने एशियाई एथलेटिक चैंपियनशिप में 9 मिनट 12.46 सेकंड का समय लेकर नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। अब एशियन गेम्स में उन्होंने 9 मिनट 8. 67 सेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया और कांस्य पदक जीता। 
विज्ञापन


इकलौता गांव में परिवार ने बांटी मिठाई
पिछले एशियन गेम्स में उन्होंने 3000 मीटर स्टीपल चेज में रजत पदक और 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। आज वह 5000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी। इसमें भी सभी को उनसे पदक की उम्मीद है। पारुल ने अभी जून 2026 में ही 5000 मीटर में 15:04.26 का समय निकालकर अपना और देश का राष्ट्रीय रिकार्ड बेहतर किया।  
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2023 के एशियाई खेलों में 5000 मीटर का स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज का रजत जीत चुकी पारुल इस बार भी पदक की मजबूत दावेदार हैं।

यह भी पढ़ें: मेरठ: रिमझिम बारिश से बदला मौसम, तापमान गिरने से गर्मी से मिली राहत; धान की फसल को नुकसान की आशंका

आसान नहीं रहा सफर
पारुल चौधरी ने कड़ी मेहनत से फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है। कभी टूटी और कच्ची पगडंड़ियों पर दौड़कर अभ्यास करने वाली पारुल देशभर में मेरठ का नाम रोशन कर चुकी हैं। इस पर पारुल और उनके पिता किसान कृष्ण पाल सिंह ने भी खुशी जाहिर की है। पिता का कहना है कि बिटिया की मेहनत रंग लाई है।

कच्ची पगडंडियों से शुरू की थी दौड़
पारुल ने वर्ष 2010 में कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच गौरव त्यागी से प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उनके पिता ने बताया कि सबसे पहले पारुल ने गांव में कच्ची सड़क पर दौड़ना शुरू किया। भराला गांव के बीपी इंटर कॉलेज में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद ऑल इंडिया विवि चैंपियनशिप में प्रतिभा दिखाई। 

प्रियंका गोस्वामी पदक की दौड़ से बाहर
मेरठ की रेस वॉकिंग की ऐथलीट प्रियंका गोस्वामी एशियन गेम्स में 42.195 किमी रेस वॉक में बाहर हो गईं। उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। वह पहली बार इतनी दूरी की मैराथन रेस वॉक में हिस्सा ले रही थीं। उन्हें टीआर 54.7.5 नियम के तहत डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। इस नियम के तहत चार रेड कार्ड मिले। इसके चलते वह आगे भाग नहीं ले सकी और भारत की एक पदक की उम्मीद टूट गई।

दरअसल, रेस वॉकिंग में सामान्य दौड़ की तरह नहीं भागा जाता। इसमें दो मुख्य नियम होते हैं। लॉस ऑफ कॉन्टैक्ट में एथलीट का एक पैर हमेशा जमीन के संपर्क में रहना चाहिए। वहीं, बेंट नी में जमीन पर पड़ने वाला पैर घुटने से सीधा होना चाहिए और जब तक शरीर उसके ऊपर से न गुजर जाए, वह सीधा ही रहना चाहिए।

कैसे काम करता है नियम टी आर 54.7.5 :
एथलेटिक्स कोच गौरव त्यागी ने बताया कि जब भी कोई खिलाड़ी इन नियमों को तोड़ता है तो ट्रैक पर मौजूद अलग-अलग जज उसे रेड कार्ड देते हैं। जब किसी एथलीट को तीन अलग-अलग जजों से तीन रेड कार्ड मिलते हैं तो उसे कुछ समय के लिए पेनाल्टी जोन में भेज दिया जाता है। वहां उसे रेस की दूरी के हिसाब से (जैसे कुछ मिनट की) समय की पेनाल्टी काटनी होती है। पेनाल्टी जोन की व्यवस्था वाले इवेंट्स में, अगर किसी एथलीट को पूरी रेस के दौरान किसी भी समय चौथा रेड कार्ड मिल जाता है तो वह बाहर हो जाता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed