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सिपाही ने पत्नी के साथ की ऐसी हरकत, कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा

Wed, 05 Apr 2017 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बागपत
अमर उजाला ब्यूरो/ बागपत Updated Wed, 05 Apr 2017 07:03 PM IST
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Separation of such a move with the wife, court sentences seven years of sentence
अदालत ने सुनाया फैसला

न्यायालय ने एक सिपाही को पत्नी से कुकर्म करने और दहेज उत्पीड़न के मामले में सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के थाना कांधला पर क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने पांच जनवरी 2012 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया था कि  उसकी शादी 14 मार्च 2011 को अमरदीप पुत्र ओमवीर निवासी सरुरपुर कलां, जिला बागपत के साथ हुई थी। जो यूपी पुलिस में कांस्टेबल है।  पति अमरदीप व सास उषा देवी, देवर विजय शादी में मिले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। शादी के दिन ही कार की मांग की थी। पति उसके साथ कुकर्म करता और मारपीट कर कमरे में बंद कर देता था। उसके परिवार को भी धमकी देता था। मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम द्वितीय जितेंद्र सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए। 

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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त अमरदीप को दोषी करार देते हुए धारा 498 ए के तहत दो वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 377 के तहत पांच वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्त उषा देवी एवं विजय को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है ।        

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दो बांग्लादेशी नागरिकों को कारावास

Separation of such a move with the wife, court sentences seven years of sentence
सिपाही को मिली सात साल की सजा

अदालत ने बांग्लादेश के दो नागरिकों को चोरी करने की योजना बनाने के जुर्म में तीन वर्ष के कारावास एवं जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर कोतवाली पर उप निरीक्षक नन्हें लाल गंगवार ने 30 जून 2014 को दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि रात्रि में  दो लोग सानिया फर्निचर शोरूम के सामने खड़े मिले। जिनके पास दुकान के  शटर तोड़ने के औजार और तालों की चाबियां मिली हैं। इस मुकदमे में आलम पुत्र मौहम्मद हसन निवासी ग्राम गोदड़ा जनपद बांगरहट बांग्लादेश और असलम पुत्र सलीम निवासी ग्राम मांगला जनपद बांगरहट बांग्लादेश को अभियुक्त बनाया गया था। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश चंद की अदालत संख्या 5 गैंगेस्टर कोर्ट में सुना गया।  सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार चौहान ने दो गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए दोनों अभियुक्तों धारा 401 के तहत तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।

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