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सेल्फ फाइनेंस कोर्स: अनुमोदित फीस पर ही मिलेगी छात्रवृत्ति

Wed, 03 Mar 2021 01:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Mar 2021 01:58 AM IST
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Self finance course: Scholarship will be given only on approved fees
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस में सेल्फ फाइनेंस कोर्सों मेें मिलने वाली छात्रवृत्ति को लेकर शासन ने अभी फीस का अनुमोदन नहीं किया है। ऐसे में अगर फीस का अनुमोदन नहीं हुआ तो छात्र-छात्राओं को समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित की गई राशि ही वापस मिलेगी। राजभवन की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया है कि आगे से विवि को सेल्फ फाइनेंस का सारा खर्च खुद ही वहन करना होगा। शासन स्तर से कोई मदद नहीं मिलेगी।
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मंगलवार को राजभवन में हुई बैठक में सभी विवि के अधिकारियों को ये निर्देश दिए गए हैं। एक साल पहले तक एससी-एसटी एवं ओबीसी वर्ग के सभी छात्र-छात्राओं एवं सामान्य वर्ग में निम्न आय वाले 60 फीसदी से अधिक नंबर लाने वाले छात्र-छात्राओं की 90 फीसदी फीस छात्रवृत्ति के रूप में वापस मिल जाती थी। अगर किसी कोर्स में फीस 50 हजार रुपये थी तो उसमें 45 हजार रुपये तक वापस मिल जाते थे। इनमें तमाम सेल्फ फाइनेंस कोर्स शामिल थे।
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पिछले साल शासन ने सरकारी संस्थानों के कोर्सों की फीस को देखते हुए सेल्फ फाइनेंस में इतनी छात्रवृत्ति नहीं देने का निर्णय लिया था। जिसके बाद समाज कल्याण विभाग से निर्धारित राशि ही अनुमोदित की गई। एलएलबी जैसे कोर्स में जहां पहले 20 हजार रुपये तक छात्रवृत्ति दी जा रही थी, इसे घटाकर साढ़े तीन हजार रुपये कर दिया गया था। सीसीएसयू की तरफ से शासन ने इस बार सेल्फ फाइनेंस कोर्सों की फीस के लिए अनुमोदन भेजा गया लेकिन शासन की तरफ से उस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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शासन के अधिकारियों का कहना है कि इतनी फीस का अनुमोदन सेल्फ फाइनेंस में नहीं किया जा सकता है। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव राजभवन महेश गुप्ता ने सीसीएसयू समेत कई विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि सेल्फ फाइनेंस के जितने भी विभाग चल रहे हैं, उनकी आय और खर्च का आकलन कराएं। वहां जो फैकल्टी हैं, उनका खर्च होने वाली आय से ही पूरा करें। सरकार इसमें कोई मदद नहीं करेगी। ऐसे में साफ हो गया है कि अगर शासन ने फीस का अनुमोदन नहीं किया तो समाज कल्याण विभाग जितनी छात्रवृत्ति निर्धारित करेगा, उतनी ही राशि छात्रों को मिलेगी। सीसीएसयू से बैठक में रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा शामिल हुए।
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