फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   seema poonia shared his experience with Amar Ujala says won a Medal by defeating pain

दर्द को हराकर जीता मेडल... सीमा पूनिया ने अमर उजाला से बांटे अपने अनुभव

Tue, 04 Sep 2018 12:23 PM IST
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 04 Sep 2018 12:23 PM IST
विज्ञापन
seema poonia shared his experience with Amar Ujala says won a Medal by defeating pain
seema punia

बीते 18 साल से डिस्कस थ्रो में अपना जलवा बिखेर रहीं मेरठ की बहु सीमा पूनिया ने जकार्ता के एशियन गेम्स में दर्द से जूझते हुए थ्रो किया। इसके बाद भी यह बीते 18 साल में उनका सबसे अच्छा थ्रो था। इसकी बदौलत उन्होंने देश को कांस्य पदक दिलाया। सीमा पूनिया पिछले कई माह से एडी के दर्द से जूझ रही हैं। मुंबई में इसका उपचार कराने के बाद वह प्रैक्टिस के लिए रूस जाएंगी। इसके बाद वह अगले वर्ष अप्रैल में वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेेंगी। जकार्ता से लौटने के बाद अमर उजाला के साथ फोन पर सीमा की खास बातचीत। 

विज्ञापन

मेरठ नहीं आएंगी सीमा  
अमर उजाला से फोन पर बातचीत में जकार्ता से लौटने के बाद सीमा पूनिया ने बताया कि वह अभी मेरठ नहीं आएंगी। जकार्ता से सीधे अपने पैतृक गांव सोनीपत के खेवड़ा गांव जाएंगी। उसके बाद एड़ी का इलाज कराने मुंबई रवाना होंगी। 

जकार्ता में साथ रहे कोच
सीमा पूनिया ने बताया कि रूस में प्रैक्टिस के दौरान उनके खेल में काफी सुधार आया है। रूस की कोच बिरकोवा बेला और एलेक्जेंडर सनेटसिन के निर्देशन में प्रैक्टिस कर रही हूं। सीमा का कहना है कि दोनों कोच जकार्ता में भी इनके साथ में थे। इसके चलते टूर्नामेंट में काफी लाभ मिला। आगे भी वह इनके निर्देशन में प्रैक्टिस करेंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

seema poonia shared his experience with Amar Ujala says won a Medal by defeating pain
सीमा पूनिया जाएंगी रियो - फोटो : PTI

प्रश्न : अपने करियर के 18 साल बाद भी आप देश के लिए मेडल ला रही हैं, इसके लिए कैसे तैयारी की?  
अभी मेडल लाने की भूख मेरे अंदर खत्म नहीं हुई है। पता नही चला समय कैसे बीत गया। लेकिन यह मेरे लिए खुशी की बात है कि मैं देश के लिए अभी तक मेडल ला रही हूं। यह अच्छी तैयारी का ही नतीजा है।  

प्रश्न: पिछले एशियन गेम्स में आपने गोल्ड जीता और इस बार कांस्य, कहां कमी रह गई? 
खेलते समय हर खिलाड़ी बेस्ट करने की सोचना है। लेकिन मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि इस बार मैंने सबसे बेहतर थ्रो किया। देश के लिए गोल्ड नहीं लायी,इसका मलाल रहेगा। लेकिन अपनी परफॉमेंस से खुश हूं।

विज्ञापन

प्रश्न: एड़ी में चोट के बाद भी आपने एशियन गेम्स में थ्रो किया, क्या इसने प्रभावित किया? 
उत्तर: जी बिल्कुल, जिस समय मैं थ्रो कर रही थी, उस समय दर्द इतना था कि पूरा पैर नहीं रखा जा रहा था। दर्द लगातार बढ़ रहा था, लेकिन मेरा निशाना गोल्ड पर ही था। दर्द से अभी भी काफी परेशान हूं।

प्रश्न: आगे कब तक खेलने की सोच रही हैं, आने वाले टूर्नामेंट की क्या तैयारी है? 
अभी मैं अपने को फिट मानती हूं। दर्द का मुंबई स्थित कोकिलाबेन हॉस्पिटल में उपचार कराने के बाद 20 सितंबर के आसपास रूस जाकर प्रैक्टिस करनी है। अगले वर्ष वर्ल्ड चैम्पियनिशप की तैयारी करुंगी। 

seema poonia shared his experience with Amar Ujala says won a Medal by defeating pain
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

प्रश्न : 2020 में टोक्यो में ओलंपिक है, उसके लिए क्या तैयारी है? 
उत्तर: अभी तक तो ओलंपिक के लिए पूरा सोच रखा है। किस्मत ने साथ दिया तो टोक्यो ओलंपिक भी खेलूंगी और देश के लिए मेडल भी जीतकर लाऊंगी।

मुंबई में इलाज के बाद प्रैक्टिस के लिए जाएंगी रूस 
बीते 18 साल में एशियन गेम्स में सबसे अच्छी डिस्कस थ्रो कर दिलाया पदक 



शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed