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अलर्ट : मेरठ में दो साल के बच्चे को स्क्रब टाइफस की पुष्टि, डॉक्टर बोले- सफाई बहुत जरूरी
Fri, 17 Sep 2021 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 17 Sep 2021 06:37 AM IST
सार
स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से फैलता है। बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें। समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना, डेंगू और वायरल बुखार के बीच अब स्क्रब टाइफस ने भी दस्तक दे दी है। दो साल के बच्चे को स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। वह बुलन्दशहर का रहने वाला है, पहले निजी लैब में जांच कराई गई, फिर कन्फर्म करने के लिए मेडिकल कॉलेज में भी जांच कराई गई।
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मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ अशोक तालियान ने बताया कि दोनों जगह पुष्टि हुई है। मेरठ में इससे पहले एक महिला में यह बीमारी मिली थी। महिला ने लक्षण मिलने पर गाजियाबाद में इसकी जांच कराई थी। ये ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में फिलहाल डेंगू और कोरोना के बाद स्क्रब टाइफस की भी जांच शुरू हो गई है ताकि रोगी को सही उपचार मिल सके।
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कीट, गिलहरी, चूहे से फैलता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से फैलता है। बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें। समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है। पशुओं के मल-मूत्र में बैठने वाले कीटों, खराब भोज्य पदार्थों में लगे कीटों के कारण भी यह बीमारी फैल सकती है। इसलिए बरसात के मौसम में सफाई का सबसे ज्यादा ख्याल रखें। बाहर का भोजन न खाएं। भोजन खाते, बनाते समय पूरी सफाई रखें।
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मेरठ में डेंगू के 142 मामले
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में डेंगू के 142 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 83 मामले सक्रिय हैं। अगर किसी व्यक्ति के घर में पहली बार मच्छर के लार्वा पाए जाते हैं, तो हम नोटिस देते हैं, फिर से पाए जाने पर जुर्माना लगाते हैं और तीसरी बार लार्वा पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करते हैं।