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आसमान में गुम हुए या धरती निगल गई: आखिर कहां गए 22 ऊंट? अब पुलिस ने तैयार कर दी नई पटकथा

Tue, 18 Jun 2024 03:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 18 Jun 2024 03:10 PM IST
सार

2019 में राजस्थान से 28 ऊंट खरीदकर लाए गए थे। पुलिस ने 22 ऊंटों को कुर्बानी के लिए प्रतिबंधित बताकर पकड़ लिया था, लेकिन आज तक भी उन ऊंटों को कुछ पता नहीं चल सका है।

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Script to end the case of 22 camels is ready by Meerut Police, claimants are also trapped
ऊंट - फोटो : इंस्टाग्राम

विस्तार

केस खत्म और ऊंट हजम की पटकथा पुलिस ने लिख दी है। पांच साल से 22 ऊंटों की वापसी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले भी मालिकाना हक में फंस गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों लोगों को नोटिस भेजकर 19 जून तक जवाब मांगा है कि ऊंटों के मालिकाना हक के साक्ष्य प्रस्तुत करें।

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2019 में राजस्थान से 28 ऊंट खरीदकर लाए गए थे। बकरीद पर कुर्बानी के लिए 6 ऊंटों की बिक्री हो चुकी थी, जबकि 22 ऊंटों को पुलिस ने उनकी कुर्बानी पर प्रतिबंध होना बताकर पकड़ लिया था। लिसाड़ीगेट थाना पुलिस ने उक्त ऊंटों को पूर्व सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपुल फॉर एनिमल सोसाइटी के एक सदस्य की पुलिस द्वारा सुपुर्दगी में देना बताया।

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ऊंट मालिक ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई। ऊंट लेने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पांच साल कानूनी लड़ाई लड़ी। कोर्ट ने मेरठ सिटी मजिस्ट्रेट को आदेश कर दिया कि ऊंट वापस कराए जाएं। 

सिटी मजिस्ट्रेट ने लिसाड़ी गेट पुलिस को नोटिस भेजकर ऊंटों की तलाश और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दे दिए। अभी मामला चल ही रहा था कि कोर्ट से एक और नोटिस सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंच गया। 
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सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उस्मान और अनस नाम के दो व्यक्ति सभी ऊंटों पर अलग-अलग मालिकाना हक बता रहे हैं। दोनों ने कोर्ट में याचिका लगा रखी है। ऊंट किसके हैं, पहले यह जांच होना अनिवार्य है।

मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में हो, उससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने उस्मान और अनस को नोटिस भेज दिया और 19 जून (तीन सप्ताह का समय) तक अपने अपने मालिकाना हक के साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही।

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पुलिस भी दिल्ली और राजस्थान में ऊंटों की तलाश में गई थी। ऊंटों को सुपुर्दगी में ले जाने वाले युवक ने पुलिस को बताया है कि सभी ऊंटों की मृत्यु हो चुकी है। जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उन्होंने मेरठ पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर केस खत्म करने की पटकथा तैयार कर ली। 

22 ऊंटों पर दो लोगों ने अलग-अलग अपना मालिकाना हक जताया है, जिसके चलते दोनों लोगों को नोटिस भेजा है कि साक्ष्य के साथ बताएं कि ऊंट का असली मालिक कौन है। पुलिस द्वारा ऊंटों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही आ गई तो केस खत्म हो जाएगा। हाईकोर्ट कोर्ट में जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी।  -अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट

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