फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Scorching and turmeric gout disease outbreak in paddy crop

धान की फसल में झुलसा व हल्दी गाठ रोग का प्रकोप

Mon, 07 Sep 2020 01:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2020 01:36 AM IST
विज्ञापन
Scorching and turmeric gout disease outbreak in paddy crop
बहसूमा(मेरठ)। रामराज खादर क्षेत्र में धान की फसल को झुलसा व हल्दी गाठ रोग दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। जिसके चलते धान की फसल की पत्तियां पीली होकर झुलस रही हैं। किसान दवा का छिड़काव कर रहे हैं लेकिन वह भी काम नहीं कर रही है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
विज्ञापन

बारिश ने कई वर्षों बाद किसानों का पूरा साथ दिया। जिसके परिणाम स्वरूप इस बार धान की फसल अच्छी है। लेकिन धान मेें झुलसा व हल्दी गाठ के प्रकोप ने किसानों की नींद उड़ा दी है। यह रोग पुसा बासमती 1509, पुसा वन, पुसा सरबती बासमती व पुसा 1121 प्रजाति की धान में तबाही मचा रहा है। सैकड़ों बीघा खादर क्षेत्र में धान की फसल की पत्तिया पीली होकर झुलस जा रही हैं। दवा का छिड़काव भी काम नहीं कर रहा है। खादर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सरकारी तंत्र किसानों के लिए कुछ नहीं कर रहा है।
विज्ञापन

ये बोले किसान-------
किसान विरेंद्र नागर का कहना है कि बारिश हुई तब तक सब कुछ ठीक था। लेकिन जैसे ही बारिश कम हुई पहले धान की पत्तियां पीली हो गई और फिर झुलस गई। दवा का स्प्रे भी किया लेकिन कोई असर नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान सतबीर भाटी का कहना है कि मेहनत व लागत डूबती नजर आ रही है। कर्ज लेकर धान की फसल की रोपाई की थी। फसल तैयार होती तो धान बेचकर कर्ज चुकाते। लेकिन अरमानों पर पानी फिर रहा है।
किसान अमित बसंल का कहना है कि पहले तो पानी और जल जमाव के कारण धान की फसल बर्बाद हो गई। जो कुछ बची वह रोग के चलते बर्बाद होती दिख रही है। दवा का भी कोई असर नहीं हो रहा है।
वर्जन
कृषि विशेषज्ञ मुकेश सिंह ने बताया कि हल्दी गाठ का प्रकोप यूरिया की बहुतायत, बारिश में हुई नमी के बाद तेज धूप निकलने से फैलता है। 2-3 ग्राम क्लोरोथायोनिल या प्रोपीकोनाजोल 2-3 एमएल दवा, मैटालैजील दवा के साथ मिलाकर स्प्रे करने काफी हद तक इस रोग के प्रकोप को रोका जा सकता है।

वर्जन
हस्तिनापुर स्वामी कल्याण कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. ओमबीर सिंह ने बताया कि इस समय धान की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप देखने को मिल रहा है। ऐसे में किसान एक एकड़ में 500 ग्राम कापर आक्सीक्लोराईड को 250 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इसके अलावा किसान एक एकड में 300 ग्राम एग्री माईसिन 250 लीटर पानी मे मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं। इससे फसल को झुलसा रोग से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed