{"_id":"6ab2a6fa12ed7757d9049e9a","slug":"scope-of-investigation-widens-in-nitin-murder-case-bimlas-killers-remain-at-large-meerut-news-c-228-1-mwn1001-105514-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: नितिन हत्याकांड में बढ़ा कार्रवाई का दायरा, बिमला के हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: नितिन हत्याकांड में बढ़ा कार्रवाई का दायरा, बिमला के हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र में सितंबर में हुई दो हत्याओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसमें उच्च अधिकारियों द्वारा चार पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी की गई थी परंतु अभी भी इस मामले में पुलिस बिमला हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी।
गत 11 सितंबर को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पास माखननगर निवासी नितिन नागर (22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दो दिन बाद 13 सितंबर को गणेशपुर निवासी बिमला देवी (65) की हत्या कर दी गई। दोनों घटनाओं में पुलिस की जांच जारी है लेकिन दोनों मामलों की स्थिति अलग है। नितिन हत्याकांड में अब तक सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि विवेचना में दो अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आ रही हैं जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
वहीं, बिमला हत्याकांड में घटना के कई दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। नितिन हत्याकांड में पुलिस ने विवेचना और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल की जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि दो ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस उनकी संलिप्तता की जांच करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
विज्ञापन
समय अवधि पूरी हुई
गणेशपुर निवासी बिमला देवी 13 सितंबर की सुबह करीब पांच बजे रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थीं। दोपहर करीब 1:30 बजे गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर मवाना मार्ग पर निर्माणाधीन दुकानों के पास सड़क किनारे घास में उनका शव पड़ा मिला। उनके चेहरे पर चोट के निशान थे। परिजनों ने लूट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने 14 सितंबर को मवाना-बिजनौर मार्ग पर जाम भी लगाया था। सीओ ने तीन दिन में खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था लेकिन समय सीमा पूरी होने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा।
सीओ पंकज लवानिया का कहना है कि पुलिस दोनों ही घटना पर गंभीरता से काम कर रही हैं। पुलिस की कई टीम में लगातार जांच में लगी है। नितिन की हत्या में शामिल कई आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है अन्य की जांच की जा रही है। वहीं बिमला हत्याकांड का भी जल्द ही खुलासा होगा।
-- -- -- -- -
विज्ञापन
हस्तिनापुर। क्षेत्र में सितंबर में हुई दो हत्याओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसमें उच्च अधिकारियों द्वारा चार पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी की गई थी परंतु अभी भी इस मामले में पुलिस बिमला हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी।
गत 11 सितंबर को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पास माखननगर निवासी नितिन नागर (22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दो दिन बाद 13 सितंबर को गणेशपुर निवासी बिमला देवी (65) की हत्या कर दी गई। दोनों घटनाओं में पुलिस की जांच जारी है लेकिन दोनों मामलों की स्थिति अलग है। नितिन हत्याकांड में अब तक सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि विवेचना में दो अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आ रही हैं जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
विज्ञापन
वहीं, बिमला हत्याकांड में घटना के कई दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। नितिन हत्याकांड में पुलिस ने विवेचना और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल की जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि दो ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस उनकी संलिप्तता की जांच करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
विज्ञापन
समय अवधि पूरी हुई
गणेशपुर निवासी बिमला देवी 13 सितंबर की सुबह करीब पांच बजे रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थीं। दोपहर करीब 1:30 बजे गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर मवाना मार्ग पर निर्माणाधीन दुकानों के पास सड़क किनारे घास में उनका शव पड़ा मिला। उनके चेहरे पर चोट के निशान थे। परिजनों ने लूट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने 14 सितंबर को मवाना-बिजनौर मार्ग पर जाम भी लगाया था। सीओ ने तीन दिन में खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था लेकिन समय सीमा पूरी होने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा।
सीओ पंकज लवानिया का कहना है कि पुलिस दोनों ही घटना पर गंभीरता से काम कर रही हैं। पुलिस की कई टीम में लगातार जांच में लगी है। नितिन की हत्या में शामिल कई आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है अन्य की जांच की जा रही है। वहीं बिमला हत्याकांड का भी जल्द ही खुलासा होगा।