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Sawan 2023: आई सिंधारे की बेला, लाडो को भेजेंगे उपहार, घेवर की खुशबू से महक रहे बाजार
Sat, 29 Jul 2023 08:20 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 29 Jul 2023 08:20 PM IST
सार
सावन में तीज से पहले विवाहित बेटियों को सिंधारा देने का चलन है। इसमें बेटी को उपहार स्वरूप घेवर, पापड़ी और अन्य कई किस्म की मिठाई भेजी जाती हैं।
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घेवर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
शिवरात्रि के बाद अब सिंधारे की बेला भी आ गई। घेवर की खुशबू से बाजार महक रहे हैं। हरियाली तीज और रक्षाबंधन की तैयारी शुरू हो गई है। महिलाओं ने खरीदारी भी शुरू कर दी है। मिष्ठान की दुकानों पर भीड़ नजर आने लगी है।
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सदर चौक बाजार स्थित मिष्ठान विक्रेता उज्ज्वल ने बताया कि मिठाई के साथ मठरी, गुझिया, पापड़ी, नमकपारे, चॉकलॉट, नमकीन, बिस्कुट आदि का गिफ्ट पैक तैयार किया गया है। लोग अपनी इच्छा अनुसार भी मिष्ठान पैक करा रहे हैंं। घेवर सभी गिफ्ट पैक में रखा गया है।
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दुकान पर सजे घेवर-फिरनी
- फोटो : अमर उजाला
कैलाश मिष्ठान भंडार के संचालक जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि मांग के अनुसार दूध की खपत दोगुनी हो गई है। बेटियों के यहां सिंधारा भेजना शुरू हो गया है। मिष्ठान की काफी मांग है। दूध से बने मावे का सभी मिष्ठान और घेवर में प्रयोग किया जाता है। वहीं इस बार मावा, चीनी, मैदा, आटा, घी सभी के दामों में इजाफा होने के कारण बाजार में महंगाई है। मिष्ठान के दाम भी बढ़े हुए हैं। 250 रुपये तक मिलने वाले मिष्ठान अब 350 रुपये तक मिल रहे हैं।
मिठाई और घेवर खरीदते लोग
- फोटो : अमर उजाला
बेटियों को देते हैं उपहार
हिंदू मान्यता के अनुसार हर तीज त्योहार पर बेटी को माता-पिता की तरफ से आशीर्वाद स्वरूप कुछ न कुछ दिया जाता है। सावन में सिंधारे की रस्म सभी घरों में निभाई जाती है। बेटी को मायके की तरफ से शादी के पहले वर्ष से प्रत्येक वर्ष सिंधारे में मिष्ठान, कपड़े आदि भेजे जाते हैं।
हिंदू मान्यता के अनुसार हर तीज त्योहार पर बेटी को माता-पिता की तरफ से आशीर्वाद स्वरूप कुछ न कुछ दिया जाता है। सावन में सिंधारे की रस्म सभी घरों में निभाई जाती है। बेटी को मायके की तरफ से शादी के पहले वर्ष से प्रत्येक वर्ष सिंधारे में मिष्ठान, कपड़े आदि भेजे जाते हैं।
घेवर की मिठास
- फोटो : Amar Ujala
गुलकंद केसर घेवर की भी मांग
बेगमपुल स्थित एक मिष्ठान भंडार के संचालक प्रमोद ने बताया कि मेवा, केसर, गुलकंद, चॉकलेट घेवर की भी बाजार में अच्छी मांग है। सिंधारे में ड्राई कचौरी, गुझिया, चंद्रकला, मठरी, पापड़ी आदि की भी मांग है।
बेगमपुल स्थित एक मिष्ठान भंडार के संचालक प्रमोद ने बताया कि मेवा, केसर, गुलकंद, चॉकलेट घेवर की भी बाजार में अच्छी मांग है। सिंधारे में ड्राई कचौरी, गुझिया, चंद्रकला, मठरी, पापड़ी आदि की भी मांग है।
अलग-अलग गुझिया की है डिमांड
- फोटो : अमर उजाला
मठरी के दाम प्रति किलो
मेथी मठरी - 300
आलू मठरी - 350
खस्ता मठरी - 300
घेवर के दाम प्रति किलो
केसर घेवर - 650 से 750
पनीर घेवर - 700 से 800
सादा घेवर - 450 से 550
मलाई घेवर - 600 से 750
मेथी मठरी - 300
आलू मठरी - 350
खस्ता मठरी - 300
घेवर के दाम प्रति किलो
केसर घेवर - 650 से 750
पनीर घेवर - 700 से 800
सादा घेवर - 450 से 550
मलाई घेवर - 600 से 750