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सरसवा गांव के लिए काल बन रही काली नदी

Tue, 31 May 2016 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 31 May 2016 02:33 AM IST
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sarsava kaali nadi
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
काली नदी दौराला ब्लॉक के लोगों के लिए काल बन रही है। सरसवा गांव के लोग दहशत में हैं। कभी अतिक्रमण की समस्या तो कभी काली नदी से हो रहा प्रदूषित पानी लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है।  इसके बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। अगर समय रहते हुए काली नदी को नहीं बचाया गया तो हालात और भी खराब हो जाएंगे।
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तीन दशक पहले काली नदी का पानी स्वच्छ था। इस नदी से निकलने वाले पानी का लोग बखूबी इस्तेमाल करते थे, लेकिन काली नदी में डाले जा रहे वेस्टेज और फैक्ट्रियों के गंदे पानी के चलते इस नदी का अस्तित्व ही खत्म होता जा रहा है।
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नदी को लेकर स्थानीय लोग भी परेशान हैं। कई जगहों पर तो अतिक्रमण के कारण नदी छोटी हो गई है, जिस कारण वहां पर समस्या और भी बढ़ गई है। अतिक्रमण के साथ-साथ प्रदूषित पानी की समस्या भी कम नहीं है। यहां पर पानी की बढ़ती समस्या लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। काली नदी की समस्या इतनी अधिक है कि लोगों के घरों में पानी पीला निकल रहा है।
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काली नदी के किनारे बसे गांवों में समस्या और भी खराब हो रही है। सरसवा गांव में हालात बद से भी बदतर हो रहे हैं। हैंडपंपों से कचरा निकल रहा है। यहां काली नदी को जीवित करने के लिए क्षेत्रीय लोग आंदोलन तो कर रहे है, लेकिन प्रशासन इसके प्रति गंभीर नहीं है। प्रशासन के गंभीर न होने के कारण काली नदी का दंश लोगों को झेलना पड़ रहा है। अगर यही हालत रही तो आने वाले समय में समस्या और भी बढ़ जाएगी।
 
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