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सरकारी नौकरी, गेट में छा रहे बीटेक ब्वॉय
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2016 12:55 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के बीटेक छात्र सरकारी नौकरी और गेट में छा रहे हैं। हर साल इंस्टीट्यूट से छात्र प्राइवेट नौकरी की जगह सरकारी नौकरी में अपनी धमक जमा रहे हैं। बीटेक का मतलब किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब न होकर कुछ छात्र तस्वीर बदल रहे हैं। कोई टेक्निकल तो कोई ग्रेजुएशन डिग्री के आधार बनाकर सफल हो रहा है। गेट में तो छात्रों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। छात्र अपने दम पर कैंपस में प्लेसमेंट की तस्वीर बदल रहे हैं। विवि में मिलने वाली सुविधाएं भी छात्रों की मददगार साबित हो रही हैं।
नेवी और एयरफोर्स दोनों में प्रशांत का चयन
प्रशांत कुमार ने 2016 मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। प्रशांत के पिता विद्या नारायण सिंह कोर्ट में पेशकार हैं। वह बीटेक कर जरूर थे, लेकिन सपना अधिकारी बनना था। प्राइवेट नौकरी के बारे में सोचा नहीं। पढ़ाई के दौरान प्रशांत ने एयर फोर्स के टेस्ट पास किए और पायलट बन गए। उधर, सीडीएस में भी उनका नेवी में सब लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ है। जुलाई में दोनों जगह से ज्वाइनिंग का ऑफर है। अब उन्हें नौकरी खुद तय करनी है।
पुष्कर बैंक में बने मैनेजर
कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद पुष्कर सिंह ने दो साल आईटी सेक्टर में जॉब की। लेकिन तमन्ना सरकारी नौकरी की थी। आखिरकार पुष्कर का चयन सिंडिकेट बैंक में हो गया। वह इस समय मथुरा में मैनेजर के पद पर हैं। पुष्कर का कहना है बैंकिंग के क्षेत्र में इंजीनियरिंग के लोग काफी आ रहे हैं। बैंकों को उनकी जरूरत भी है। अब ज्यादातर काम टेक्निकल हो गया है।
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अंकित ने गेट में दिखाया दम
2012 में कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने वाले अंकित डोयला गेट में छा गए। उन्होंने गेट में देश में 159वीं रैंक हासिल की। नेट जेआरएफ में 86वीं रैंक हासिल की। छात्रों को गेट की कोचिंग दी। छोटूराम के छात्रों के द्वारा गेट क्वालीफाई करने वालों में से ज्यादातर को उन्होंने पढ़ाया है। अंकित फिलहाल जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली से पीएचडी कर रहे हैं।
जन्मजय पॉलीटेक्निक में बने हेड
कैंपस से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद टीचिंग और फिर सरकारी नौकरी की राह जन्मजय कुमार ने पकड़ी। सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के होनहार छात्र रहे जन्मजय इस वक्त सहारनपुर के गर्वनमेंट पॉलिटेक्निक में लेक्चरर और हेड हैं। डिग्री पूरी करने के बाद करीब पांच साल के टीचिंग अनुभव के बाद जन्मजय ने सरकारी नौकरी हासिल की।
प्राइवेट तो है ही, सरकारी भा रही
इंजीनियरिंग के छात्र आर्मी, नेवी, एयरफोर्स के अलावा बैंकिंग में काफी गए हैं। यूपी पुलिस में तीन छात्र संजय, सुमित और कौशिक आईटी सेल में चयनित हुए हैं। पुलिस को आईटी एक्सपर्ट चाहिए। आईटी एक्सपर्ट की डिमांड ज्यादातर डिपार्टमेंट में हो रही है, जिसमें योग्यता बीटेक मांगते हैं। टीचर बनने के अलावा छात्राएं आर्मी में चयनित हुई हैं।
नेवी और एयरफोर्स दोनों में प्रशांत का चयन
प्रशांत कुमार ने 2016 मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। प्रशांत के पिता विद्या नारायण सिंह कोर्ट में पेशकार हैं। वह बीटेक कर जरूर थे, लेकिन सपना अधिकारी बनना था। प्राइवेट नौकरी के बारे में सोचा नहीं। पढ़ाई के दौरान प्रशांत ने एयर फोर्स के टेस्ट पास किए और पायलट बन गए। उधर, सीडीएस में भी उनका नेवी में सब लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ है। जुलाई में दोनों जगह से ज्वाइनिंग का ऑफर है। अब उन्हें नौकरी खुद तय करनी है।
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पुष्कर बैंक में बने मैनेजर
कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद पुष्कर सिंह ने दो साल आईटी सेक्टर में जॉब की। लेकिन तमन्ना सरकारी नौकरी की थी। आखिरकार पुष्कर का चयन सिंडिकेट बैंक में हो गया। वह इस समय मथुरा में मैनेजर के पद पर हैं। पुष्कर का कहना है बैंकिंग के क्षेत्र में इंजीनियरिंग के लोग काफी आ रहे हैं। बैंकों को उनकी जरूरत भी है। अब ज्यादातर काम टेक्निकल हो गया है।
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अंकित ने गेट में दिखाया दम
2012 में कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने वाले अंकित डोयला गेट में छा गए। उन्होंने गेट में देश में 159वीं रैंक हासिल की। नेट जेआरएफ में 86वीं रैंक हासिल की। छात्रों को गेट की कोचिंग दी। छोटूराम के छात्रों के द्वारा गेट क्वालीफाई करने वालों में से ज्यादातर को उन्होंने पढ़ाया है। अंकित फिलहाल जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली से पीएचडी कर रहे हैं।
जन्मजय पॉलीटेक्निक में बने हेड
कैंपस से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद टीचिंग और फिर सरकारी नौकरी की राह जन्मजय कुमार ने पकड़ी। सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के होनहार छात्र रहे जन्मजय इस वक्त सहारनपुर के गर्वनमेंट पॉलिटेक्निक में लेक्चरर और हेड हैं। डिग्री पूरी करने के बाद करीब पांच साल के टीचिंग अनुभव के बाद जन्मजय ने सरकारी नौकरी हासिल की।
प्राइवेट तो है ही, सरकारी भा रही
इंजीनियरिंग के छात्र आर्मी, नेवी, एयरफोर्स के अलावा बैंकिंग में काफी गए हैं। यूपी पुलिस में तीन छात्र संजय, सुमित और कौशिक आईटी सेल में चयनित हुए हैं। पुलिस को आईटी एक्सपर्ट चाहिए। आईटी एक्सपर्ट की डिमांड ज्यादातर डिपार्टमेंट में हो रही है, जिसमें योग्यता बीटेक मांगते हैं। टीचर बनने के अलावा छात्राएं आर्मी में चयनित हुई हैं।