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समाधान दिवस : डीएम ने अधिकारियों को शिकायत निस्तारण निर्देश दिए
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सरधना। तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम और एसएसपी ने सुनी जनसमस्याएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
विभिन्न विभागों से कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनमें से चार का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रमुख शिकायतों में अवैध कब्जा, चकरोड, भूमि पैमाईश, पेंशन, पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, विकास और चकबंदी विभाग से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। जुल्हेड़ा गांव निवासी अधिवक्ता चंदूकेतु त्यागी ने भूनी टोल से भारी वाहनों के गुजरने, सड़कों के खराब होने और हादसों की आशंका की शिकायत की। हर घर जल मिशन के तहत खोदाई के बाद रास्ते ठीक न किए जाने और जलापूर्ति शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया। बरनावा मार्ग से जुल्हेड़ा आने वाले माइनर की क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कराने की मांग भी की।
प्रशांत त्यागी ने सरधना-जुल्हेड़ा मार्ग पर श्मशान और तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जिलाधिकारी ने चकबंदी अधिकारियों और नायब तहसीलदार को जांच कर अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। मंडी समिति सरधना में दीवार निर्माण में अनियमितता, घटिया सामग्री का प्रयोग, अवैध निर्माण, पेड़ों की कटान और कूड़ा जलाने से प्रदूषण की शिकायतें भी प्रमुख रहीं। सरधना के तालाबों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें पुनर्जीवित करने की मांग उठी। दोपहर करीब डेढ़ बजे बिजली कटौती से सभागार में अंधेरा छा गया। डीएम डॉ. वीके सिंह नाराज हुए और मौके पर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दुर्गेश जायसवाल को तलब किया। अधिशासी अभियंता ने शटडाउन के चलते लाइन बंद होने की जानकारी दी। डीएम ने शटडाउन की पूर्व सूचना के प्रचार-प्रसार के अभाव पर सवाल उठाए और विद्युत विभाग को कार्यशैली सुधारने की सख्त हिदायत दी।
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एसडीएम उदित नारायण सेंगर को तहसील क्षेत्र में बेवक्त होने वाली बिजली कटौती की जानकारी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। चेयरपर्सन पुत्र शाहवेज अंसारी ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इस मौके पर एसएसपी विपिन ताड़ा, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह आदि रहे।
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सरधना। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
विभिन्न विभागों से कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनमें से चार का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रमुख शिकायतों में अवैध कब्जा, चकरोड, भूमि पैमाईश, पेंशन, पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, विकास और चकबंदी विभाग से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। जुल्हेड़ा गांव निवासी अधिवक्ता चंदूकेतु त्यागी ने भूनी टोल से भारी वाहनों के गुजरने, सड़कों के खराब होने और हादसों की आशंका की शिकायत की। हर घर जल मिशन के तहत खोदाई के बाद रास्ते ठीक न किए जाने और जलापूर्ति शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया। बरनावा मार्ग से जुल्हेड़ा आने वाले माइनर की क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कराने की मांग भी की।
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प्रशांत त्यागी ने सरधना-जुल्हेड़ा मार्ग पर श्मशान और तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जिलाधिकारी ने चकबंदी अधिकारियों और नायब तहसीलदार को जांच कर अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। मंडी समिति सरधना में दीवार निर्माण में अनियमितता, घटिया सामग्री का प्रयोग, अवैध निर्माण, पेड़ों की कटान और कूड़ा जलाने से प्रदूषण की शिकायतें भी प्रमुख रहीं। सरधना के तालाबों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें पुनर्जीवित करने की मांग उठी। दोपहर करीब डेढ़ बजे बिजली कटौती से सभागार में अंधेरा छा गया। डीएम डॉ. वीके सिंह नाराज हुए और मौके पर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दुर्गेश जायसवाल को तलब किया। अधिशासी अभियंता ने शटडाउन के चलते लाइन बंद होने की जानकारी दी। डीएम ने शटडाउन की पूर्व सूचना के प्रचार-प्रसार के अभाव पर सवाल उठाए और विद्युत विभाग को कार्यशैली सुधारने की सख्त हिदायत दी।
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एसडीएम उदित नारायण सेंगर को तहसील क्षेत्र में बेवक्त होने वाली बिजली कटौती की जानकारी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। चेयरपर्सन पुत्र शाहवेज अंसारी ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इस मौके पर एसएसपी विपिन ताड़ा, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह आदि रहे।