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टावर पर चढ़ा कर्मचारी, अधिकारियों के उड़े होश, दस माह से नहीं मिला वेतन

Mon, 18 Sep 2017 07:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर Updated Mon, 18 Sep 2017 07:10 PM IST
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Salary not found for ten months, tower staffed, officials
टावर पर चढ़ा सफाई कर्मचारी

बिजनौर जिले के चांदपुर में वेतन न मिलने से क्षुब्ध सफाई कर्मी विकास भवन और ब्लाक कार्यालय में ताला लगाकर अपने गांव में लगे टावर पर चढ़ गया। सूचना पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय विधायक और एसडीएम के आश्वासन पर सफाई कर्मी टावर से उतरा। उसने कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया है।        

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गांव भवानीपुर गंगरैन निवासी ओमवीर सिंह पुत्र आशाराम नौ साल से ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। वह ब्लाक जलीलपुर के गांव कुतुबपुर गांवड़ी, अथाई, बागड़पुर के बाद ब्लाक हल्दौर के गांव रौनिया में सेवारत है। उसने बताया कि उसका आठ माह का निलंबन के समय का और 10 माह कार्य दिवस का वेतन रुका हुआ है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे क्षुब्ध होकर उसने सोमवार सुबह सबसे पहले विकास भवन बिजनौर, ब्लाक कार्यालय में ताला लगाया और गांव में लगे बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गया। 
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उसने टावर परिसर की दीवार पर एक नोटिस चस्पा कर दिया, जिस पर लिखा था कि यदि टावर से कूदकर या गिर कर उसकी मौत होती है तो उसके जिम्मेदार डीएम, सीडीओ, डीपीआरओ, एडीपी होंगे। सूचना पर हीमपुर दीपा थाने की पुलिस, नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर ओमवीर से नीचे उतने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माना। मौके पर पहुंचे एसडीएम वीके सिंह ने भी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया लेकिन वह डीएम को बुलाने की जिद पर अड़ा रहा। क्षेत्रीय विधायक कमलेश सैनी ने मौके पर पहुंचकर उसकी समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाया। उसके बाद वह टावर से नीचे उतरा।

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अधिकारियों पर लगाया पांच हजार रुपये मांगने का आरोप

Salary not found for ten months, tower staffed, officials
अधिकारियों पर लगाया आरोप

सफाई कर्मी ओमवीर ने टावर से उतरकर एसडीएम और विधायक से बताया कि सफाई कर्मचारियों से विभाग और संबंधित अधिकारी वेतन निकलवाने के नाम पर पांच हजार रुपये प्रति माह मांगते हैं। उसने आरोप लगाया कि अनेक सफाई कर्मी इसी भ्रष्टाचार के चलते विभाग से वेतन ले रहे हैं और काम बाहर के शहरों में कर रहे हैं। 

जलीलपुर ब्लाक में तीन बजे तक लटके रहे ताले
बिजनौर विकास भवन के दोनों गेट पर सवेरे ताले लटके देख यहां आने वाले सफाई  कर्मचारी चौंक गए। साइड में ताले न तोड़ने की चेतावनी लिखी देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने अधिकरियों को बताया और उनके आदेश पर ताले तोड़ दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों के आदेशित किया गया है कि विकास भवन के गेट में ताले डालने वाले के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की जाए। ओमवीर ने गेट के पास लिखकर चिपकाया था कि ताले उसने डाले हैं। तालों को खोलने या तोड़ने वाला उसकी और उसके परिवार की मौत का जिम्मेदार होगा। इसके नीचे मोबाइल नंबर लिखकर हस्ताक्षर किए गए थे। 

इसी तरह जलीलपुर ब्लाक कार्यालय के दोनों गेट पर ताले लगे देख कर्मचारी चौंक गए। सूचना के बाद भी  कार्यालय कर्मी या एडीओ 9.55 बजे से पहले नहीं पहुंचे सके। ब्लाक कार्यालय मे दोनों गेट पर अतिरिक्त लगे तालों को तीन बजे तक नहीं खोला गया। ब्लाक जलीलपुर मे स्थायी बीडीओ नहीं है। वर्तमान में प्रभार डीआरडीए के परियोजना निदेशक के पास है। ब्लाक कार्यालय पर मौजूद कर्मचारी और एडीओ शाम तक ताले नहीं खोल सके। इस कारण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे महेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, सुरेश कुमार आदि दर्जनों ग्रामवासी बिना किसी समाधान के मायूस लौट गए।

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