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साहबों की सड़क पर कुर्बान आजादी का गवाह  

Mon, 29 Aug 2016 02:32 AM IST
मनु चौधरी/मेरठ
मनु चौधरी/मेरठ Updated Mon, 29 Aug 2016 02:32 AM IST
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Sahbon sacrificed freedom on the road of witness
नीम का पेड़ काटने पर श्रद्धांजलि देते संस्था के लोग। - फोटो : अमर उजाला
मैंने शहर की आबोहवा को बदलते देखा था। गुलामी की जंजीरों को टूटते देखा था। आजादी की पहली सुबह मैं भी तिरंगे के साथ खूब लहराया था। सबके साथ जश्न में झूमा था। मैंने शहर में अपने हर पल को शान से जिया। समाज के हर वर्ग को बराबर समझा। अमीर, गरीब, छोटे, बड़े सबको तपती दुपहरी में बिना किसी भेदभाव के शीतल छांव दी। खूब आंधी-तूफान आए, लेकिन मुझे हिला नहीं सके। मैं समाज की सेवा करता रहा। लेकिन, आज मुझे बड़ी बेरहमी से मार दिया गया। बचाने के लिए कोई नहीं आया। मेरा कसूर सिर्फ इतना था कि मैं साहबों की सड़क के किनारे पर आ गया। मैं तो अब इस दुनिया में नहीं रहा। लेकिन, मेरी छांव में शरण लेने वाले हर शख्स से यही अपील है कि इस धरती हरियाली बख्शने में कोई कसर न छोड़े। अधिक से अधिक पौधे रोपकर मुझे सच्ची श्रद्धांजलि दे।
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यह करुण कथा 90 साल पुराने हरे-भरे नीम के पेड़ की है, जिसे सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बेरहमी से काट दिया गया। बता दें कि कमिश्नरी चौराहे से लेकर कलक्ट्रेट, एसएसपी ऑफिस, अंबेडकर चौराहे से डीएम आवास और स्टेडियम चौराहे तक सड़क बनाई जा रही है। दोनों तरफ से चौड़ीकरण हुआ है। बीच में डिवाइडर भी बनाया गया है। पहले 320 हरे पेड़ों को काट दिया गया। उसके बाद बचे हुए 150 पेड़ों पर प्रशासन ने आरा चलवाया। एसपी सिटी आवास के पास 90 साल पुराना नीम का पेड़ था। वह सड़क के किनारे पर था। अगर प्रशासनिक अधिकारी चाहते थे उसे बचाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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बचपन से बुढ़ापा आ गया
नीम
के पेड़ के पास ठेला लगाने वाले 70 वर्षीय श्यामसुंदर ने बताया, मैं वर्ष-1960 में मेरठ आया था। मेरा बचपन, जवानी इसी पेड़ के नीचे गुजरी। मैं वृद्ध हो गया, लेकिन पेड़ आज भी पहले जैसा ही था।
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पेड़ कटने पर मनाया शोक
ग्रीन
केयर सोसाइटी सदस्यों ने पेड़ काटने पर शोक जताया। गांधीवादी तरीके से संस्था सदस्यों ने पेड़ को पुष्पांजलि दी। सोसाइटी के संस्थापक डॉ. विजय पंडित ने कहा कि शहर में केवल 2.5 प्रतिशत भूभाग पर वन क्षेत्र है। राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार 33 प्रतिशत होना चाहिए। मेरठ का प्रशासन इस घटते वन क्षेत्र से बेखबर है। इस अवसर पर प्रशांत कौशिक, कुलदीप त्यागी, डॉ. ईश्वर चंद गंभीर, अश्वनी कौशिक, राजेश शर्मा, पंकज त्यागी, विवेक गुप्ता मौजूद रहे।
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