हरियाणा बॉर्डर पर रात भर निगरानी, डटे रहे अधिकारी, ट्रेन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे मजदूर
- सहारनपुर में फिर से कराया जाएगा श्रमिक स्पेशल ट्रेन का संचालन
- प्रवासी मजदूरों ने रविवार को किया था हाईवे जाम
- रात भर प्रवासी मजदूरों की निगरानी में जुटा रहा प्रशासन
विस्तार
सहारनपुर जनपद में लॉकडाउन के बावजूद रविवार को अंबाला हाईवे पर हजारों प्रवासी मजदूरों के हंगामे के बाद पुलिस अधिकारी रविवार की रात भर राधा स्वामी सत्संग भवन मेजर सेंटर से लेकर हरियाणा की सीमा तक निगरानी में जुटे रहे। पुलिस टीमों के अलावा पीएसी और आरएएफ के जवान भी अलर्ट रहे।
वहीं, मजदूरों के हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेलवे के साथ समन्वय बनाकर सोमवार से फिर श्रमिक स्पेशल ट्रेन का संचालन कराया है। बताया जा रहा है कि चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मंजूरी मिली है। मगर अभी तक रेलवे अफसरों के पास दो ट्रेनों के बारे में जानकारी अपडेट की गई हैं। इन ट्रेनों से 2000 मजदूरों को बिहार के कटिहार के अलावा लखनऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर सहित अन्य जिलों को भेजने की तैयारी की जा रही है।
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उधर, लॉकडाउन 4 की घोषणा होते ही आम लोगों से लेकर उद्यमियों और व्यापारियों में जिले में दी जाने वाली रियायतों को लेकर बेचैनी है। जिला प्रशासन की ओर से शाम तक इस बारे में गाइडलाइन जारी होने की संभावना है।
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श्रमिकों ने जमकर किया था हंगामा
सहारनपुर में प्रवासी मजदूर रविवार सुबह बड़ी तादाद में सड़क पर उतर आए थे। इस दौरान मजदूरों ने अंबाला हाईवे जाम कर जमकर हंगामा किया था। स्थानीय पुलिस पर सैकड़ों मजदूर भारी पड़े तो आरएएफ को मौके पर बुलाया गया। इस दौरान कुछ श्रमिकों ने वाहनों पर डंडों से प्रहार किया और कई वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए थे। इसके बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी उपेंद्र कुमार ने किसी तरह श्रमिकों को शांत कराया था।
बता दें कि रविवार सुबह मजदूरों का सब्र टूट गया और सभी मजदूर शेल्टर होम से निकलकर अंबाला हाईवे पर आ गए। मजदूरों ने यहां जाम लगा दिया। हंगामा देख प्रशासन-पुलिस के हाथ पांव फूल गए। मौके पर डीआईजी उपेंद्र कुमार, एसएसपी दिनेश कुमार फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह कामगारों को समझाने के बाद शांत कराया था।
श्रमिकों का कहना है कि उनके पास खाने-पीने के लिए न तो राशन है न ही उनके पास पैसे हैं। उनकी मांग है कि वे अपने घर जाना चाहते हैं। प्रशासन और सरकार से मांग कर रहे हैं कि किसी तरह उन्हें उनके राज्य बिहार भिजवा दिया जाए।
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