वायुसेना से रिटायर्ड होकर बना फर्जी एमबीबीएस डॉक्टर, फिर कर डाले हजारों ऑपरेशन, ऐसे खुली पोल
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एमबीबीएस की फर्जी डिग्री के आधार पर कई वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग में संविदा चिकित्सक की नौकरी करने वाले और नर्सिंग होम संचालक कथित चिकित्सक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कर्नाटक के एक चिकित्सक की डिग्री को स्कैन करके अपना फोटो लगाकर और नाम बदलकर फर्जीवाड़े से स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नौकरी हासिल कर ली थी और करीब 10 साल से देवबंद में नर्सिंग होम भी चलाता रहा। आरोपी वायुसेना से सार्जेंट पद से रिटायर है।
एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि आरोपी राजेश शर्मा उर्फ ओमपाल शर्मा को सोमवार सुबह देवबंद में तल्हेड़ी चुंगी से गिरफ्तार किया। वर्तमान में मकबरा रोड देवबंद में रहता है, जबकि मूल रूप से मोहल्ला पट्टीधर घनघोशिया, छपरौली बागपत निवासी है। उसके खिलाफ रविवार को देवबंद के मंगलौर रोड स्थित नवजीवन नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर रवि प्रकाश खुराना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रवि प्रकाश खुराना ने बताया था कि वह शिवम नर्सिंग होम में सर्जरी करने वाले डॉक्टर राजेश शर्मा को सर्जरी के लिए अपने यहां बुलाते थे। सर्जरी में गलतियां सामने आने पर उसकी एमबीबीएस, डीएनबी जर्नल सर्जरी की डिग्री पर संदेह होने लगा। जिस कारण राजेश शर्मा से सेवाएं लेनी बंद कर दीं। जो रजिस्ट्रेशन नंबर राजेश शर्मा ने बताया था, उसे इंटरनेट पर यूपी मेडिकल काउंसिल पर सर्च किया तो वह किसी और के नाम का निकला। दूसरा रजिस्ट्रेशन कर्नाटक मेडिकल काउंसिल में राजेश आर के नाम का वर्ष 2001 का निकला, जबकि डीएनबी (जर्नल सर्जरी) का कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पाया गया।
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पत्नी की डिग्री पर संदेह
राजेश शर्मा द्वारा एमबीबीएस की कोई डिग्री नहीं ली गई। उन्होंने राजेश शर्मा की पत्नी सत्या शर्मा की डिग्री पर भी संदेह जताया। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी ने एमबीबीएस के प्रमाण-पत्र को स्कैन करके अपना फोटो और नाम बदलकर फर्जी डिग्री बना ली थी। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर स्वास्थ्य विभाग में संविदा चिकित्सक के रूप में कार्य करने लगा। उन्होंने बताया कि आरोपी गंगोह, नानौता सीएचसी पर भी तैनात रह चुका है। आरोपी को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया।
दस साल से चला रहा है नर्सिंग होम
एसपी देहात ने बताया कि आरोपी दस साल से अपना नर्सिंग होम चला रहा है। पहले नागल में शिवम नर्सिंग होम खोला, फिर वर्ष 2018 से देवबंद में शिवम नर्सिंग होम शुरू किया। जहां डाक्टर सत्या शर्मा के साथ चिकित्सकीय कार्य कर रहा है। इसके अलावा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में भी यह नर्सिंग होम चयनित है और योजना के तहत करीब 14 लाख रुपये क्लेम ले चुका है। आरोपी दावा करता है कि संविदा पर नौकरी और नर्सिंग होम में वह अब तक 70 हजार ऑपरेशन कर चुका है।
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