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सचिव ने 200 फर्जी बांड बंद कर भुगतान रोक, हंगामा

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Fri, 20 Dec 2019 01:03 AM IST
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रामराज गन्ना समिति कार्यालय में बैठक के दौरान हंगामा हुआ।
रामराज गन्ना समिति कार्यालय में बैठक के दौरान हंगामा हुआ। - फोटो : BHESUMA
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बहसूमा। रामराज गन्ना समिति में बीते कई वर्षों से सैकड़ों बांड संचालित है। इस बार रामराज गन्ना समिति सचिव ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए रामराज खादर क्षेत्र करीब 200 बांड बंद कर उनका भुगतान रोक दिया है। समिति से जुडे़ किसानों का कहना है कि फर्जीवाड़े में रामराज गन्ना समिति के पदाधिकारियों के भी बांड सम्मलित है। वहीं, बोर्ड ने सचिव को समिति से हटाने का प्रस्ताव रखने की कोशिश की तो किसानों ने सचिव समर्थन में नारेबाजी करते हुए हंगामा कर दिया।
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बृहस्पतिवार को आयोजित बोर्ड बैठक में बोर्ड के चेयरमैन समेत कुछ पदाधिकारी सचिव को समिति से हटाने का प्रस्ताव पारित कराना चाहते थे। मामले की जानकारी क्षेत्र किसानों को हुई तो सैकड़ो की संख्या में किसान समिति पहुंच गए और बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी कर दी। सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक किसानों व बोर्ड बैठक में कई बार मारपीट होने की नौबत आ गई। समिति से जुडे़ किसान बोर्ड बैठक के बार पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। किसान अरविंद गुर्जर, पूर्व चेयरमैन गन्ना समिति सचिन, अरविंद खगवाल आदि किसानों के मुताबिक गन्ना समिति किसानों के हितों की लड़ाई लड़ने के लिए बनी है। लेकिन यहां निर्वाचित बोर्ड ही फर्जीवाड़ा करा रहा है। बोर्ड बैठक में किसानों का तर्क है कि सचिव ने रामराज खादर क्षेत्र से फर्जीवाड़ा रोका है। बोर्ड सचिव को हटाने का प्रस्ताव पास करना चाहता है। परंतु किसान प्रस्ताव पारित नहीं होने देंगे। विरोध के चलते बोर्ड के आधे से अधिक सदस्य सचिव के पद में नजर आए। चेयरमैन सरदार हरमेंद्र सिंह पक्ष के मुताबिक जो बांड जैसे चल रहे है उनका भुगतान कराया जाए। वहीं, दूसरा धड़ा वाइस चेयरमैन पति रामकुमार गुर्जर पक्ष का कहना है कि फर्जी बांड बंद कर भुगतान जांच के बाद ही किया जाए।
हालांकि बाद में केवल एक प्रस्ताव 30 दिसंबर तक गन्ना आपूर्ति करने वाले बांड का भुगतान पूर्व की भांति किया जाने का प्रस्ताव रखा जाए। इस पर सचिव सुभाष यादव का कहना है कि प्रस्ताव को गन्ना आयुक्त के समक्ष रखा जाऐगा। इस मौके पर ठाकुर जयपाल सिंह, सचिन चौधरी, सरदार अमृतपाल सिंह, कैप्टन सुभाष, राजेश्वर दयाल, रामकुमार व सुरेंद्र मुखिया आदि रहे।
दस किसानों का एक ही खाते में भुगतान
कुछ ऐसे बांड थे जो एक ही नाम के तीन तीन गांवों में संचालित थे। इसके अलावा दस-दस किसानों का भुगतान एक ही खाते में पहुंच रहा था। अब जो भी उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश होगा पालन किया जाऐगा। - सुभाष यादव, सचिव गन्ना समिति
फर्जी बांड पहले क्यों नहीं रोका
जिन किसानों ने गन्ना आपूर्ति कर चुके है उनका भुगतान किसान हित में करना ही पड़ेगा। यदि फर्जी बांड था तो संचालित कैसे हुआ। इसे पहले क्यों नही रोका गया।- सरदार हमेंद्र सिंह, चेयरमैन
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