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मिला सुकून : यूक्रेन से लौटे सरधना निवासी अफसर सिद्दीकी तो छलक उठीं पिता और भाई की आंखें
Thu, 03 Mar 2022 05:31 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 03 Mar 2022 05:31 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश मेरठ से सटे सरधना निवासी अफसर सिद्दीकी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। युद्ध के बीच उन्हें वापस अपने देश लौटना पड़ा। मुश्किलों का सामना कर वह गुरुवार को अपने परिजनों के बीच पहुंच गए। बेटे के घर पहुंचते ही माता पिता और उनके भाई की आंखें नम हो गई।
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परिवार के साथ अफसर सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूक्रेन के ईवानो नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के पांचवें साल के सरधना निवासी छात्र अफसर सिद्दीकी के घर लौटने पर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे। घर के दरवाजे पर बेटे को देख मां रोशन आरा और पिता समी उज्ज्मा खुशी से झूम उठे और मां ने तुरंत बेटे के गले से लगा लिया। मां-बेटे का मिलन देखकर भाई तथा पिता की आंखें भी छलक उठी।
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अफसर सिद्दीकी पांच साल से एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गया था, जहां रूस यूक्रेन युद्ध के हालात के चलते उसे कम समय में वापस लौटना पड़ा। अफसर सिद्दीकी ने बताया कि वह ईवानो मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहा था। 24 फरवरी को पहला बम धमाका हुआ। जिसकी जानकारी से हॉस्टल में मौजूद सभी छात्रों की धड़कनें बढ़ गई।
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लोगों में भगदड़ मची थी की सूचना मिली कि आज मेस भी बंद है। सभी छात्रों ने परिजनों से संपर्क साधा तथा हालात बताएं और उन्होंने यूनिवर्सिटी से भारत भेजने की गुहार लगाई। जब से यूक्रेन पर रूस के हमले हो रहे हैं, तब से परिजन बेटे को लेकर चिंतित थे। लगातार बेटे से फोन के जरिए संपर्क बनाए हुए थे, लेकिन वहां फंसे होने की वजह से परिजनों की सांसें अटकी हुई थी।
छात्र ने बताया कि भारतीय मूल के छात्र हमलों से पहले ही भारत लौटना चाहते थे, लेकिन विश्वविद्यालय ने वहां से निकलने की अनुमति नहीं दी। इसकी वजह से सभी छात्र वहां फंसे रहे, लेकिन जब हमले शुरू हुए तो भारतीय मूल के विभिन्न जरिए वहां से रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। वहीं, गुरुवार को अफसर सिद्दीकी अपने घर पहुंचा तो परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं एसडीएम को भी छात्र के सकुशल घर पहुंचने की सूचना पर वहां पहुंचे। एसडीएम सूरज पटेल ने यूक्रेन से लौटे छात्र की कुशलता जानी।