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UP: सपा में घमासान... अखिलेश यादव के सामने ही भिड़े नेता, हार पर खोली एक-दूसरे की पोल; सपा अध्यक्ष हुए नाराज
Wed, 14 Aug 2024 03:15 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Aug 2024 03:15 PM IST
सार
समाजवादी पार्टी में गुटबाजी खुलकर सामने आई है। लखनऊ में अखिलेश यादव के सामने ही सपाइयों में खूब घमासान हुआ। सपा नेताओं ने लोकसभा चुनाव में हार पर एक-दूसरे की पोल खोल दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गोपनीय रिपोर्ट मांगी है। कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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Samajwadi Party Leaders clashed
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा नेताओं में गुटबाजी और आपसी खींचतान जगजाहिर है। मंगलवार को लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने सपाइयों में खूब घमासान हुआ। एक-दूसरे की पोल खोल दी। गंभीर आरोप लगाए गए। लोकसभा चुनाव में हार का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ा गया। अखिलेश यादव ने भी नाराजगी जताई और कहा कि और बेहतर ढंग से अगर चुनाव लड़ाया जाता तो जीत होती।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मेरठ के सपाइयों को लोकसभा चुनाव की हार पर मंथन करने के लिए लखनऊ बुलाया था। साथ ही मुजफ्फरनगर के मीरापुर विधानसभा में होने वाले उप चुनाव की तैयारियों को लेकर हिदायत देनी थी। इसमें सपा विधायक, पूर्व व वर्तमान जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पदाधिकारी आदि शामिल हुए।
लोकसभा चुनाव में सपा कड़े मुकाबले में हारी थी। सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा भाजपा के प्रत्याशी अभिनेता अरुण गोविल से करीब 10 हजार वोटों के अंतर से हारी थीं। सपा की हार की वजह आपसी कलह भी रही थी। एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगाए गए थे। अब उन सभी की समीक्षा हुई।
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योगेश वर्मा बोले, संगठन का नहीं मिला साथ
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा प्रत्याशी सुनीता वर्मा के पति पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने बैठक में कहा कि संगठन ने उन्हें मजबूती से चुनाव नहीं लड़ाया। अतुल प्रधान का नाम लिए बिना उन्होंने निशाना साधा।
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सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मेरठ के सपाइयों को लोकसभा चुनाव की हार पर मंथन करने के लिए लखनऊ बुलाया था। साथ ही मुजफ्फरनगर के मीरापुर विधानसभा में होने वाले उप चुनाव की तैयारियों को लेकर हिदायत देनी थी। इसमें सपा विधायक, पूर्व व वर्तमान जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पदाधिकारी आदि शामिल हुए।
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लोकसभा चुनाव में सपा कड़े मुकाबले में हारी थी। सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा भाजपा के प्रत्याशी अभिनेता अरुण गोविल से करीब 10 हजार वोटों के अंतर से हारी थीं। सपा की हार की वजह आपसी कलह भी रही थी। एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगाए गए थे। अब उन सभी की समीक्षा हुई।
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योगेश वर्मा बोले, संगठन का नहीं मिला साथ
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा प्रत्याशी सुनीता वर्मा के पति पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने बैठक में कहा कि संगठन ने उन्हें मजबूती से चुनाव नहीं लड़ाया। अतुल प्रधान का नाम लिए बिना उन्होंने निशाना साधा।
कहा कि भीतरघात हुई, जिसकी वजह से हमारी हार हुई। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. परविंदर सिंह भी निशान साधा। कहा कि वह उनसे मिलने गए थे, मगर वह चुनाव के दौरान मिले तक नहीं। इन दोनों के बीच काफी कहासुनी भी हुई।
प्रभु दयाल वाल्मीकि भी रहे निशाने पर
पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के सपा पदाधिकारियों के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि प्रभु दयाल ने बिजनौर के सपा प्रत्याशी को सही से चुनाव नहीं लड़ाया, उनकी वजह से ही भाजपा के चंदन चौहान को जीत मिली।
पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के सपा पदाधिकारियों के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि प्रभु दयाल ने बिजनौर के सपा प्रत्याशी को सही से चुनाव नहीं लड़ाया, उनकी वजह से ही भाजपा के चंदन चौहान को जीत मिली।
जिला अध्यक्ष ने योगेश वर्मा को कहा, मजबूती से नहीं लड़े चुनाव
जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर निशाना साधा। कहा कि प्रत्याशी मजबूती से चुनाव ही नहीं लड़े। जिस तरह से चुनाव में खर्च करना था। लोगों को जोड़ना था, वह भी नहीं किया। यही हार की वजह रही।
जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर निशाना साधा। कहा कि प्रत्याशी मजबूती से चुनाव ही नहीं लड़े। जिस तरह से चुनाव में खर्च करना था। लोगों को जोड़ना था, वह भी नहीं किया। यही हार की वजह रही।
अखिलेश यादव ने शाहिद मंजूर से कहा , किठौर में कई बूथों पर हार क्यों हुई?
अखिलेश यादव ने पर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, सरधना विधायक अतुल प्रधान और शहर विधायक रफीक अंसारी से कहा कि वह अगर 10-10 हजार वोट और दिलवा देते तो जीत हो जाती। खासकर शाहिद मंजूर से उन्होंने कहा कि किठौर विधानसभा में कई बूथों पर हार हुई है, जो नहीं होनी चाहिए थी।
अखिलेश यादव ने पर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, सरधना विधायक अतुल प्रधान और शहर विधायक रफीक अंसारी से कहा कि वह अगर 10-10 हजार वोट और दिलवा देते तो जीत हो जाती। खासकर शाहिद मंजूर से उन्होंने कहा कि किठौर विधानसभा में कई बूथों पर हार हुई है, जो नहीं होनी चाहिए थी।
जिला अध्यक्ष को हटाने की मांग उठी
कुछ सपाइयों ने वहां जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह संगठन को मजबूती से नहीं चला रहे हैं। संगठन को बदला जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि सब उन्हें गोपनीय रूप से लिखकर दें। क्या कमियां हैं। इसके बाद कार्रवाई करेंगे।
कुछ सपाइयों ने वहां जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह संगठन को मजबूती से नहीं चला रहे हैं। संगठन को बदला जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि सब उन्हें गोपनीय रूप से लिखकर दें। क्या कमियां हैं। इसके बाद कार्रवाई करेंगे।
और मजबूती से लड़ सकते थे, फिर भी खूब लड़े
अखिलेश यादव ने योगेश वर्मा और सुनीता वर्मा से कहा कि और बेहतर तरीके से चुनाव लड़कर जीत जा सकता था, लेकिन फिर भी बहुत वोट मिले, बहुत अच्छा चुनाव लड़े।
अखिलेश यादव ने योगेश वर्मा और सुनीता वर्मा से कहा कि और बेहतर तरीके से चुनाव लड़कर जीत जा सकता था, लेकिन फिर भी बहुत वोट मिले, बहुत अच्छा चुनाव लड़े।
बैठक में पूर्व व वर्तमान विधायकों, लोकसभा प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष के अलावा आदिल चौधरी, राजपाल सिंह, आकिल मुर्तजा, नीरज पाल, अंकित शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, मोहम्मद अब्बास, शशिकांत गौतम, सचिन गुर्जर, मेराज महलका और आस मोहम्मद आदि रहे।