{"_id":"5d8bd33a8ebc3e93de124d6f","slug":"rto-running-in-trust-of-an-arto-enforcement-meerut-news-mrt4452719187","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक एआरटीओ प्रवर्तन के भरोसे चल रहा आरटीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक एआरटीओ प्रवर्तन के भरोसे चल रहा आरटीओ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। शहर में अवैध वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन आरटीओ का प्रवर्तन विंग लंबे समय से एक एआरटीओ के भरोसे चल रहा है। स्वीकृत दो पदों के सापेक्ष दो साल से एक ही एआरटीओ की तैनाती है। इसके चलते वाहनों की चेकिंग प्रभावित हो रही है, बल्कि राजस्व वसूली भी नहीं हो पा रही है।
वाहनों की संख्या और कार्यक्षेत्र के अनुसार मेरठ संभागीय परिवहन कार्यालय में एआरटीओ प्रवर्तन के दो पद स्वीकृत हैं। लेकिन पिछले दो साल से एक पद खाली है। शहर में करीब 750000 वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं और करीब एक लाख वाहन प्रदेश के अन्य जिलों व राज्यों के दौड़ रहे हैं। प्रवर्तन अनुभाग के कमजोर पड़ने के चलते अवैध वाहनों की नियमित चेकिंग हो पा रही है। साथ ही एनसीआर में प्रतिबंधित 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को बाहर भी नहीं किया जा रहा है।
कोई नहीं आना चाहता मेरठ
विभागीय सूत्रों का कहना है कि विभाग ने पद को भरने का प्रयास किया था, लेकिन यहां कोई आना नहीं चाहता है। जिसका तबादला यहां होता है, वह रुकवा लेता है या कहीं और करा लेता है। हालांकि यहां कार्यरत एआरटीओ प्रवर्तन दिनेश कुमार अपनी टीम के साथ चेकिंग में लगे रहते हैं, लेकिन दो एआरटीओ की टीम सड़क पर होने से अवैध वाहनों को आराम से घेरा जा सकता है।
विज्ञापन
क्या बोले आरटीओ
एआरटीओ प्रवर्तन के दो पद स्वीकृत है। फिलहाल एक एआरटीओ कार्यरत है, दूसरे एआरटीओ की मांग लंबे समय से की जा रही है। ये बात सही है कि मैन पावर कम होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। एक बार फिर से एआरटीओ भेजे जाने की मांग की जाएगी।
डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ
विज्ञापन
वाहनों की संख्या और कार्यक्षेत्र के अनुसार मेरठ संभागीय परिवहन कार्यालय में एआरटीओ प्रवर्तन के दो पद स्वीकृत हैं। लेकिन पिछले दो साल से एक पद खाली है। शहर में करीब 750000 वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं और करीब एक लाख वाहन प्रदेश के अन्य जिलों व राज्यों के दौड़ रहे हैं। प्रवर्तन अनुभाग के कमजोर पड़ने के चलते अवैध वाहनों की नियमित चेकिंग हो पा रही है। साथ ही एनसीआर में प्रतिबंधित 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को बाहर भी नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
कोई नहीं आना चाहता मेरठ
विभागीय सूत्रों का कहना है कि विभाग ने पद को भरने का प्रयास किया था, लेकिन यहां कोई आना नहीं चाहता है। जिसका तबादला यहां होता है, वह रुकवा लेता है या कहीं और करा लेता है। हालांकि यहां कार्यरत एआरटीओ प्रवर्तन दिनेश कुमार अपनी टीम के साथ चेकिंग में लगे रहते हैं, लेकिन दो एआरटीओ की टीम सड़क पर होने से अवैध वाहनों को आराम से घेरा जा सकता है।
विज्ञापन
क्या बोले आरटीओ
एआरटीओ प्रवर्तन के दो पद स्वीकृत है। फिलहाल एक एआरटीओ कार्यरत है, दूसरे एआरटीओ की मांग लंबे समय से की जा रही है। ये बात सही है कि मैन पावर कम होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। एक बार फिर से एआरटीओ भेजे जाने की मांग की जाएगी।
डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ