यूपी के बागपत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा द्वितीय एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से सिनौली में प्रथम और द्वितीय चरण के बाद तृतीय चरण में उत्खनन कार्य के दौरान टीम को कई दुर्लभ चीजें प्राप्त हुई हैं। आगे देखें उत्खनन के दौरान यहां से क्या क्या दुर्लभ चीजें प्राप्त हुइ हैं:-
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बागपत के सिनौली गांव में उत्खनन
- फोटो : अमर उजाला
बड़ौत के सिनौली में 15 जनवरी को शुरू हुए तृतीय चरण के उत्खनन कार्य को एक माह से अधिक का समय हो चुका है। इस अवधि में यहां से मानव बस्ती के प्रमाण मिल चुके हैं। इसके अलावा ईंटों की विशाल दीवार, दुर्लभ पॉटरी के साथ-साथ एक ट्रेंच से मानव कंकाल प्राप्त हुआ, यह महिला का कंकाल है और इसके कानों से स्वर्ण आभूषण भी प्राप्त हुए हैं।
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उत्खनन में मिला महिला का कंकाल
- फोटो : अमर उजाला
इस महिला कंकाल को बाहर निकालते हुए टीम को एक शाही ताबूत भी मिला। संभावना जताई जा रही है कि यह महिला का कंकाल 4500 वर्ष पुराना है और किसी शाही परिवार से है। हालांकि बारिश के कारण उत्खनन कार्य अभी रोका गया है, लेकिन यहां लगातार खुदाई के दौरान अलग अलग चीजें पुरातत्व विशेषज्ञों को प्राप्त हो रही हैं।
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उत्खनन कार्य का निरीक्षण करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2005 में हुई थी प्रथम चरण की खुदाई
बड़ौत के सिनौली में वर्ष 2005 में वरिष्ठ पुरातत्वविद डॉ. डीवी शर्मा के निर्देशन में एएसआई द्वारा प्रथम चरण की खुदाई कराई। यहां पर 177 मानव कंकाल, सोने के कंगन, मनके, तलवार के साथ-साथ एक विशाल शवाधान केंद्र की पुष्टि हुई।
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उत्खनन के दौरान मिला रथ
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद 15 फरवरी 2018 को सिनौली साइट पर एएसआई लालकिला संस्थान के निदेशक डॉ. संजय मंजुल के निर्देशन में लगभग साढ़े तीन माह तक उत्खनन हुआ।