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बसों को 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ा रहे चालक, स्पीड लिमिट है 60 की

Wed, 20 Sep 2017 11:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 20 Sep 2017 11:09 AM IST
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roadways bus speed 80 km
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

यात्री सुविधा के नाम पर सीएम योगी से पुरस्कार लेने वाला रोडवेज विभाग ही यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहा है। बसों की गति निर्धारित होने के बावजूद रोडवेज चालक लगातार स्पीड लिमिट क्रॉस कर रहे हैं। रोजाना करीब 150 बसों के ओवर स्पीड करने के अलर्ट कंट्रोल रूम को मिल रहे हैं, लेकिन अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते।

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यात्रियों के जीवन को सुरक्षित करने और डीजल औसत बेहतर करने के लिए सभी बसों की गति 60 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित की है। बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाए गए हैं। वीटीएस के जरिये बसों की गति, लोकेशन आदि पर नजर रखने के लिए आरएम आफिस में वीटीएस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सोमवार को अमर उजाला टीम ने कंट्रोल रूम का दौरा किया। वहां से मिले आंकड़ों के अनुसार दोपहर एक बजे तक रूटों पर गई बसों में से करीब 150 बसों का निर्धारित गति से ज्यादा गति पर चलाए जाने के अलर्ट आ चुके थे। इसमें सबसे ज्यादा सोहराबगेट डिपो की बसों के 71 अलर्ट थे। इसके बाद भैसाली डिपो की 27 बसें ओवर स्पीड मिली। सोहराबगेट डिपो की बस संख्या यूपी 15एटी-7943 16 बार ओवर स्पीड कर चुकी थी। जबकि बस संख्या यूपी 11टी-7372 ने 12 बार, यूपी 86टी-1059 ने 11 बार और मेरठ से मुजफ्फरनगर जा रही भैसाली डिपो की बस संख्या यूपी 82टी-4173 10 बार ओवर स्पीड कर चुकी थी। इस बस के 80 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक के अलर्ट मिले थे। इतना ही ऐसी अनेक बसें थी जो 10 से 16 बार ओवर स्पीड क्रास कर चुकी थी। 
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डेढ़ महीने में पांच बड़े एक्सीडेंट
ओवर स्पीड और लापरवाही के चलते छोटे-बड़े एक्सीडेंट तो अक्सर रोज ही होते हैं, लेकिन पिछले डेढ़ महीने में पांच बड़ी दुर्घटना हुई हैं, जिनमें दो सिपाहियों, बस चालक समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। सोहराबगेट डिपो की बस संख्या यूपी 15बीटी-3109 का गत 30 अगस्त को मेरठ से फिरोजाबाद जाते समय रास्ते में एक्सीडेंट हुआ जिसमें 2 पुलिस वालों की मौत हो गई। बस संख्या यूपी 15बीटी- 4565 का गत 31 अगस्त का एक्सीडेंट हुआ जिमसें कई लोग घायल हुए। अनुबंधित बस संख्या यूपी 15बीटी-6039 का बुलंदशहर जाते समय एक्सीडेंट हुआ जिसमें बस चालक की मौत हो गई। इसके अलावा यूपी 15एटी-6283, यूपी 15एटी-7941 का भी एक्सीडेंट हुआ था जिसमें कई लोग घायल हुए थे। 
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तोड़ देते है वीटीएस का तार 
बस चालक अपना जुर्म छिपाने या ओवर स्पीड कर जल्द से जल्द चक्कर लगाने के लिए बस में लगे वीटीएस का तार तोड़ देते है ताकि वीटीएस में उनका जुर्म पकड़ में न आ सके। अधिकारियों का कहना है कि वीटीएस के तारे टूटने या खराब होने के आधा दर्जन से ज्यादा केस रोज आते हैं। 


ओवर स्पीड से घटता है डीजल औसत
विभाग ने बेहतर डीजल औसत लाने वाले चालकों को पुरस्कृत करने नियम बना रखा है। तय स्पीड पर बस चलाने से ही यह संभव होता है। ओवर स्पीड करने पर डीजल औसत खराब हो जाता है। लेकिन अधिकतर बस चालक निर्धारित किलोमीटर पूरे करने के चक्कर में निर्धारित गति से अधिक गति से बस संचालित करते हैं।

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