फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Right in the record, handpumps worsened in the village

रिकॉर्ड में सही, गांव में खराब पड़े हैंडपंप

Sun, 23 May 2021 01:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 01:55 AM IST
विज्ञापन
Right in the record, handpumps worsened in the village
रिकॉर्ड में सही, गांव में खराब पड़े हैंडपंप
विज्ञापन

- लतीफपुर के ग्रामीणों ने की 1076 पर शिकायत, लेखपाल ने लगाई हैंडपंप चालू होने की रिपोर्ट
रविन्द्र चौहान
हस्तिनापुर। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सरकार ग्रामीणों को पीने का पानी भी मुहैया नहीं करा पा रही है। सरकार के नुमाइंदे ही उन्हें भ्रमित कर रहे हैं। इसकी एक बानगी लतीफपुर गांव से मिलती है, जहां लगभग 10 हैंडपंप खराब है लेकिन रिकॉर्ड में सभी हैंडपंप चालू दर्शाए गए हैं। ग्रामीणों की माने तो उन्होंने 1076 पर गांव में हैंडपंप खराब होने की शिकायत की थी, लेकिन लेखपाल ने हैंडपंपों को चालू दर्शाकर रिपोर्ट बनाई और अधिकारियों को भेज दी।
लतीफपुर गांव की आबादी लगभग तीन हजार है। गांव में पिछले छह माह से लगभग 10 हैंडपंप खराब पड़े है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया और हैंडपंपों को रिबोर कराने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण अतर सिंह ने बताया कि अधिकारियों से शिकायत के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने 1076 पर इसकी शिकायत की। जब जांच रिपोर्ट आई तो संबंधित लेखपाल ने गांव के हैंडपंप को चालू होने की रिपोर्ट बनाकर विभागीय अधिकारियों को भेज दी जबकि यह नल पूरी तरह खराब और बंद पड़े हुए हैं। हैंडपंप के खराब होने से ग्रामीणों को दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जल्द ठीक होंगे हैंडपंप
पंचायती राज विभाग द्वारा सरकारी हैंडपंप को रिबोर और उनकी मरम्मत की जाती है। अगर गांव में हैंडपंप खराब पड़े हैं तो इन्हें जल्द ठीक करा जाएगा। - खंड विकास अधिकारी शैलेंद्र कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed