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राशन के चावल से भरे ट्रक को नहीं मिल सकी क्लीनचिट

Mon, 03 Aug 2020 01:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2020 01:24 AM IST
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Rice was going to Karnal from the citadel, the bilti was made from Bihar
मेरठ। 650 क्विंटल चावल पकड़े जाने का मामला सरकारी जांच में फंस गया है। रविवार को सामने आया कि इस चावल की बिल्टी सासाराम (बिहार) से करनाल की बनी हुई थी। लेकिन यह चावल गढ़ से करनाल के लिए लोड करना बताया गया। जिस पर फर्जीवाड़े का संदेह गहरा गया है। चावल सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का है या किसी व्यापारी का, इस बारे में न तो पुलिस बताने को तैयार है और न खाद्य आपूर्ति विभाग। ऐसे में मुकदमा कौन दर्ज कराएगा, इसको लेकर भी दोनों विभाग 48 घंटे बाद भी एक-दूसरे पर टालते रहे।
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भावनपुर थाना क्षेत्र स्थित हसनपुर चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने शुक्रवार रात मुखबिर की सूचना पर चावलों से लदे दो ट्रक पकड़े थे। पुलिस ने दोनों ट्रक चालकों रणवीर व नरेश निवासी बड़ागांव जिला करनाल से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि दोनों ट्रक में लदे 650 क्विंटल चावल गढ़मुक्तेश्वर के सरकारी सस्ते गल्ले के हैं, जो करनाल के अतरावड़ी गोदाम पर जा रहे हैं। पुलिस की सूचना पर शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने भावनपुर थाने पहुंचकर जांच की। लेकिन देर रात तक विभागीय अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि यह मामला कालाबाजारी का है या नहीं। इस संबंध में कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं कराया गया।
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इस मामले में सौदेबाजी की चर्चाओं के चलते रविवार को थाने पर हलचल देखी गई। उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोबारा से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम भावनपुर थाने पहुंची और लिखा पढ़ी करनी शुरू कर दी। लेकिन मुकदमा कौन दर्ज कराएगा, इस पर फैसला नहीं लिया गया। हालांकि चावल से लदे दोनों ट्रकों को सरकारी गोदाम पहुंचा दिया गया। जबकि दोनों चालकों को थाने पर ही रखा गया। इस संबंध में भावनपुर इंस्पेक्टर रघुराज सिंह का कहना है कि चावल से लदे ट्रक भले ही पुलिस ने पकड़े हैं। लेकिन जांच के बाद कार्रवाई संबंधित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को करनी है। रविवार को भी खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम थाने आई थी। लेकिन लिखत पढ़त करके लौट गई। इससे पहले भी इस तरह के मामले में खाद्य आपूर्ति विभाग ने ही मुकदमा दर्ज कराया था। अधिकारियों के आदेश के बाद आगे की मुकदमा दर्ज या आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। दोनों ट्रकों को सरकारी गोदाम पहुंचा दिया है।
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बिल्टी फर्जी होने का संदेह
प्रथम दृष्टया चावल राशन का लग रहा है। दोनों ट्रक चालक गढ़मुक्तेश्वर से चावल लाना बता रहे हैं। बिहार की बिल्टी फर्जी होने का संदेह पैदा कर रही है। जिलाधिकारी की अनुमति लेकर विभाग रिपोर्ट दर्ज कराएगा। -नीरज सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी मेरठ
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