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आरजी पीजी कॉलेज : कॉलेज भ्रमण कर पुरातन छात्राओं ने ताजा कीं यादें
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आरजी पीजी कॉलेज में 1970-80 के बैच की पांच पुरातन छात्राओं ने कॉलेज का भ्रमण किया।
- फोटो : संस्थान
मेरठ। आरजी पीजी कॉलेज में सोमवार को 1970-80 के बैच की पांच पुरातन छात्राओं ने कॉलेज का भ्रमण किया। उन्होंने वर्तमान छात्राओं के साथ अपने अनुभव साझा किए और अपनी पुरानी यादें ताजा कीं। पुरातन छात्राओं में निशि जैन, अंजुल अग्रवाल, मंजरी पाल, मुक्ता जैन व अमृत अग्रवाल शामिल थीं। उन्होंने प्राचार्य निवेदिता कुमारी व अन्य महाविद्यालय पदाधिकारियों से मुलाकात की।
मंजरी पाल ने कॉलेज के अनुशासन और वातावरण की सराहना की। निशि ने बताया कि कॉलेज ने उन्हें समाज सेवा की प्रेरणा दी। मुक्ता जैन ने कहा कि कॉलेज ने जो आत्मविश्वास दिया उसी के कारण मैं 42 साल शिक्षण कार्य कर पाई। अंजुल ने अपने टॉपर बनने और समाज सेविका बनने का श्रेय कॉलेज को दिया। अमृत ने कॉलेज के हॉस्टल को सर्वांगीण विकास में सहायक बताया। कॉलेज व चौधरी चरण सिंह विवि के इतिहास विभागों के बीच सोमवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान रिसर्च मेथोडोलॉजी पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी हुआ। इसमें मुख्य वक्ता विवि के इतिहास विभागाध्यक्ष केके शर्मा रहे। उन्होंने शोध के महत्व पर जोर दिया।
प्राचार्य प्रो. निवेदिता ने छात्राओं को शोध के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की संयोजिका अपर्णा वत्स रहीं। अंजलि गुप्ता, पूनम व पूजा राजोरिया का सहयोग रहा।
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मंजरी पाल ने कॉलेज के अनुशासन और वातावरण की सराहना की। निशि ने बताया कि कॉलेज ने उन्हें समाज सेवा की प्रेरणा दी। मुक्ता जैन ने कहा कि कॉलेज ने जो आत्मविश्वास दिया उसी के कारण मैं 42 साल शिक्षण कार्य कर पाई। अंजुल ने अपने टॉपर बनने और समाज सेविका बनने का श्रेय कॉलेज को दिया। अमृत ने कॉलेज के हॉस्टल को सर्वांगीण विकास में सहायक बताया। कॉलेज व चौधरी चरण सिंह विवि के इतिहास विभागों के बीच सोमवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान रिसर्च मेथोडोलॉजी पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी हुआ। इसमें मुख्य वक्ता विवि के इतिहास विभागाध्यक्ष केके शर्मा रहे। उन्होंने शोध के महत्व पर जोर दिया।
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प्राचार्य प्रो. निवेदिता ने छात्राओं को शोध के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की संयोजिका अपर्णा वत्स रहीं। अंजलि गुप्ता, पूनम व पूजा राजोरिया का सहयोग रहा।
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