फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Retired Subedar, who served the country for many years, forced to wander in police stations in Meerut

माल मिला न इंसाफ: 35 साल देश की सेवा करने वाले रिटायर्ड सूबेदार भटकने को मजबूर, ये है पूरा मामला

Tue, 07 Sep 2021 12:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 07 Sep 2021 12:21 PM IST
सार

चोरों द्वारा बंद मकान खंगालने को लेकर रिटायर्ड सूबेदार थानों के चक्कर काटते रहे, एसएसपी के निर्देश पर केस दर्ज हुआ लेकिन मामला लंबित छोड़ दिया। वह अब थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

विज्ञापन
Retired Subedar, who served the country for many years, forced to wander in police stations in Meerut
सेवानिवृत्त सूबेदार राज सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करीब 35 साल तक देश की सेवा करने और ऑपरेशन के दौरान एक पैर गंवाने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार राज सिंह अब न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को बेबस हैं। जुलाई माह में चोरों ने उनका बंद मकान खंगाल दिया था।
विज्ञापन


थाना पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो एसएसपी के निर्देश पर केस दर्ज हुआ, लेकिन दरोगा ने मामला लंबित छोड़ दिया। यह हाल तब है जब पीड़ित चोरों के बारे में जानकारी भी दे चुके हैं। सोमवार को राज सिंह फिर से एसएसपी प्रभाकर चौधरी से मिले। एसएसपी ने थाना पुलिस की लापरवाही लताड़ लगाई और घटना की गंभीरता से जांच कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: यूपी : शामली में बंदरों के आतंक से भाजपा नेता की पत्नी की छत से गिरी, मौत 
विज्ञापन
विज्ञापन


मूलरूप से जानी थाना क्षेत्र के डालूहेड़ा निवासी राज सिंह वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हुए और परिवार के साथ शहर में रहने लगे। एक मकान गांव में है। इसमें बेटा राहुल रहता है। वह अक्सर गांव जाता है। 

25 से 28 जुलाई के बीच बारिश अधिक होने के कारण गांव नहीं जा सका। इसी दौरान चोरों ने घर खंगाल दिया। 29 जुलाई को जब राहुल पहुंचा तो वारदात का पता चला और तहरीर दी। गांव के ही दो संदिग्धों के नाम भी उपलब्ध कराए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।


काफी मशक्कत के बाद एफआईआर दर्ज हुई। जांच अधिकारी लोकेंद्र त्रिपाठी से मुलाकात की, लेकिन टरकाते रहे। दावा है कि जिन दो लोगों के नाम एफआईआर में बताए, चोरी का माल उनके ही पास है। 

यह भी पता चला कि एक आरोपी सारा माल समेटकर रिश्तेदार के यहां छिपाकर आया है। पुलिस ने उनसे पूछताछ तक नहीं की। एसएसपी के संज्ञान में मामला सामने आया तो उन्होंने थाना पुलिस को जांच कर जल्द कार्रवाई की चेतावनी दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed