{"_id":"5bfb86a1bdec2241ce7261d5","slug":"retired-army-personal-fraud-in-army-recruitment-in-meerut","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रिटायर्ड फौजी ने वेस्ट यूपी में फैला रखा था ठगी का जाल, 50 हजार में मेडिकल, तीन लाख में भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिटायर्ड फौजी ने वेस्ट यूपी में फैला रखा था ठगी का जाल, 50 हजार में मेडिकल, तीन लाख में भर्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:18 AM IST
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गिरफ्तार आरोपी वीर बहादुर, विक्टर राघव और आशीष कुमार
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सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी के आरोप में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने वेस्ट यूपी में जाल बिछा रखा था। अभ्यर्थियों से मुख्य आरोपी रिटायर्ड फौजी वीर बहादुर मोबाइल पर कम ही संपर्क करता था, जिससे एसटीएफ या खुफिया विभाग की टीम उस पर शक न कर सके। अधिकांश जिलों में ऐसे युवाओं को तलाशने के लिए दूसरे लोगों की सहायता ली जाती थी, जो सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हों।
गिरफ्तार आरोपियों वीर बहादुर, विक्टर राघव और आशीष कुमार ने बताया कि वह पिछले साढ़े तीन साल से यह गोरखधंधा कर रहे थे। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि कुछ समय से सूचना मिल रहीं थी कि आर्मी द्वारा आयोजित जीडी भर्ती में अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी करके अनुचित लाभ कमाने के लिए यह गिरोह काम कर रहा है। एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने मेरठ एसटीएफ यूनिट और अन्य टीमों को लगाया था।
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गिरफ्तार आरोपियों वीर बहादुर, विक्टर राघव और आशीष कुमार ने बताया कि वह पिछले साढ़े तीन साल से यह गोरखधंधा कर रहे थे। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि कुछ समय से सूचना मिल रहीं थी कि आर्मी द्वारा आयोजित जीडी भर्ती में अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी करके अनुचित लाभ कमाने के लिए यह गिरोह काम कर रहा है। एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने मेरठ एसटीएफ यूनिट और अन्य टीमों को लगाया था।
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पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 50 हजार रुपये में वह मेडिकल प्रक्रिया का ठेका लेते थे और तीन लाख रुपये में भर्ती कराने का। मेडिकल परीक्षण के लिए सारी रकम पहले ले लेते थे और भर्ती कराने के लिए एक लाख रुपये पहले और बाकी पैसा बाद में लेते थे। जो अभ्यर्थी खुद भर्ती हुआ, उसका पैसा नहीं देते थे और उससे यह दलाल यही कहते कि हमने ही भर्ती कराया है। रिटायर्ड फौजी वीर बहादुर ने एसटीएफ को बताया कि वह मेरठ में भी तैनात रहा है। अपने को यही बताता था कि उसकी सेना के अफसरों में बड़ी पकड़ है।
सीओ एसटीएफ ने बताया कि एसटीएफ को आरोपियों के मोबाइल फोन में 60 से अधिक मोबाइल नंबर संदिग्ध मिले हैं। इनमें रोहटा थाना क्षेत्र के चिंदौडी पट्टी निवासी कपिल कुमार पुत्र बालकिशन के नंबर पर एक माह में सबसे ज्यादा कॉल हुईं। कपिल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अभ्यर्थियों को कपिल लाकर देता था। मेडिकल की जिम्मेदारी के लिए कपिल से अभ्यर्थियों का संपर्क कराते थे। जिसके बाद कपिल मोबाइल फर फर्जी तरह से बात कराता था कि मेडिकल के लिए बात हो चुकी है।
अभ्यर्थी को पूरा भरोसा दिलाते थे कि काम पक्का है। बाद में जिसका काम नहीं हुआ उसके अगली भर्ती का झांसा दिलाते थे। अधिकांश का पैसा नहीं लौटाया जाता था। पैसा लेने के बाद आपस में बांट लेते थे। सीओ के अनुसार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मेरठ के अलावा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और सहारनपुर के युवकों को झांसे में लिया है। अलग-अलग स्थानों पर वह जाते थे। ऐसे युवकों को तलाशा जाता था, जो सेना में भर्ती होने लायक हैं। उम्र देखकर और उसके कागजात ले लेते थे। बाद में अभ्यर्थियों के घर पहुंचकर परिजनों को पूरा आश्वासन दिलाते थे कि हर हाल में सेना में भर्ती करा देंगे।
सीओ एसटीएफ ने बताया कि एसटीएफ को आरोपियों के मोबाइल फोन में 60 से अधिक मोबाइल नंबर संदिग्ध मिले हैं। इनमें रोहटा थाना क्षेत्र के चिंदौडी पट्टी निवासी कपिल कुमार पुत्र बालकिशन के नंबर पर एक माह में सबसे ज्यादा कॉल हुईं। कपिल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अभ्यर्थियों को कपिल लाकर देता था। मेडिकल की जिम्मेदारी के लिए कपिल से अभ्यर्थियों का संपर्क कराते थे। जिसके बाद कपिल मोबाइल फर फर्जी तरह से बात कराता था कि मेडिकल के लिए बात हो चुकी है।
अभ्यर्थी को पूरा भरोसा दिलाते थे कि काम पक्का है। बाद में जिसका काम नहीं हुआ उसके अगली भर्ती का झांसा दिलाते थे। अधिकांश का पैसा नहीं लौटाया जाता था। पैसा लेने के बाद आपस में बांट लेते थे। सीओ के अनुसार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मेरठ के अलावा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और सहारनपुर के युवकों को झांसे में लिया है। अलग-अलग स्थानों पर वह जाते थे। ऐसे युवकों को तलाशा जाता था, जो सेना में भर्ती होने लायक हैं। उम्र देखकर और उसके कागजात ले लेते थे। बाद में अभ्यर्थियों के घर पहुंचकर परिजनों को पूरा आश्वासन दिलाते थे कि हर हाल में सेना में भर्ती करा देंगे।
सीओ ने बताया कि अभी तक जांच में पता चला कि 35 अभ्यर्थियों से आरोपियों ने लाखों की रकम ली है। तीनों आरोपियों ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया था कि कोई बात हो तो हम मेरठ कैंट हाथी खाने में होने वाली सेना की जीडी भर्ती स्थल के आसपास ही मिलेंगे।
तीनों आरोपी वीर बहादुर सिंह, विक्टर और आशीष गांव देहात व शहर से सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले युवकों को बहला-फुसलाकर अपनी बातों में ले लेते थे। बाद में उनसे सेटिंग कर पैसे ऐंठ लेते थे। सेना से नायक रिटायर्ड वीर बहादुर कंकरखेड़ा की तुलसी कलोनी में मकान बनाकर रहने लगा। वह पहले बुकिंग पर गाड़ियां चलाता था। बाद में उसने यह काम बंद कर दिया। ठेकेदार विक्टर की वर्धमान कंस्ट्रक्शन नाम से फर्म है। आशीष कुमार रोहटा रोड फाजलपुर में घर में ही कोचिंग सेंटर चलाता था।
अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए
सीओ ने बताया कि कपिल और आशीष कुमार ने पांच अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज कंप्यूटर से तैयार कराए। इन अभ्यर्थियों को झूठा आश्वासन दिया कि यदि इंटर की मार्कशीट या अन्य कागजात नहीं हैं तो परेशान न होना, कागज बनवा देंगे। ऐसे पांच अभ्यर्थियों से भी पैसा ले लिया। फर्जी दस्तावेज एक साइबर कैफे में बनवाने की बात कही गई है। सीओ का कहना है कि कपिल की गिरफ्तारी के बाद और भी तथ्य स्पष्ट होंगे।
तीनों आरोपी वीर बहादुर सिंह, विक्टर और आशीष गांव देहात व शहर से सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले युवकों को बहला-फुसलाकर अपनी बातों में ले लेते थे। बाद में उनसे सेटिंग कर पैसे ऐंठ लेते थे। सेना से नायक रिटायर्ड वीर बहादुर कंकरखेड़ा की तुलसी कलोनी में मकान बनाकर रहने लगा। वह पहले बुकिंग पर गाड़ियां चलाता था। बाद में उसने यह काम बंद कर दिया। ठेकेदार विक्टर की वर्धमान कंस्ट्रक्शन नाम से फर्म है। आशीष कुमार रोहटा रोड फाजलपुर में घर में ही कोचिंग सेंटर चलाता था।
अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए
सीओ ने बताया कि कपिल और आशीष कुमार ने पांच अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज कंप्यूटर से तैयार कराए। इन अभ्यर्थियों को झूठा आश्वासन दिया कि यदि इंटर की मार्कशीट या अन्य कागजात नहीं हैं तो परेशान न होना, कागज बनवा देंगे। ऐसे पांच अभ्यर्थियों से भी पैसा ले लिया। फर्जी दस्तावेज एक साइबर कैफे में बनवाने की बात कही गई है। सीओ का कहना है कि कपिल की गिरफ्तारी के बाद और भी तथ्य स्पष्ट होंगे।
मुकदमे में नाम हुए दर्ज
सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि कक्षा दस की जो मार्कशीट मिली हैं उनमें सकित कुमार, आरिस, विवेक कुमार, विशाल गौतम, विशाल सोम, प्रशांत चौधरी, हरेंद्र कुमार, सोनू कु़मार और सचिन कुमार के नाम मिले हैं। वहीं कक्षा 12 की दीपांशु, अक्षय कुमार एवं सचिन कुमार की मार्कशीट मिली हैं। मार्कशीट पर लिखे अभ्यर्थियों के नाम और अनुक्रमांक भी मुकदमे में लिखे गए हैं। लोकेश कुमार, सोनू कुमार, सकित, रुद्रसैन प्रताप, प्रशांत चौधरी, विवेक कुमार के नाम के आर्मी भर्ती परीक्षा के प्रवेशपत्र भी मिले हैं।
अभ्यर्थियों से ली मोटी रकम
सीओ एसटीएफ ने बताया कि मुख्य आरोपी वीर बहादुर सिंह सेना से नायक पद से रिटायर्ड है। दूसरा आरोपी आशीष कोचिंग सेंटर संचालक होने के चलते सेना भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को वीर बहादुर से मिलवाता था। तीसरा आरोपी ठेकेदार विक्टर राघव का चाचा भी सेना है, जो रिटायर्ड फौजी वीर बहादुर के संपर्क में बताया जाता है। इन आरोपियों का 35 अभ्यर्थियों से सेना में भर्ती कराने के लिए तीन-तीन लाख रुपये में सौदा हो चुका था।
सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि कक्षा दस की जो मार्कशीट मिली हैं उनमें सकित कुमार, आरिस, विवेक कुमार, विशाल गौतम, विशाल सोम, प्रशांत चौधरी, हरेंद्र कुमार, सोनू कु़मार और सचिन कुमार के नाम मिले हैं। वहीं कक्षा 12 की दीपांशु, अक्षय कुमार एवं सचिन कुमार की मार्कशीट मिली हैं। मार्कशीट पर लिखे अभ्यर्थियों के नाम और अनुक्रमांक भी मुकदमे में लिखे गए हैं। लोकेश कुमार, सोनू कुमार, सकित, रुद्रसैन प्रताप, प्रशांत चौधरी, विवेक कुमार के नाम के आर्मी भर्ती परीक्षा के प्रवेशपत्र भी मिले हैं।
अभ्यर्थियों से ली मोटी रकम
सीओ एसटीएफ ने बताया कि मुख्य आरोपी वीर बहादुर सिंह सेना से नायक पद से रिटायर्ड है। दूसरा आरोपी आशीष कोचिंग सेंटर संचालक होने के चलते सेना भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को वीर बहादुर से मिलवाता था। तीसरा आरोपी ठेकेदार विक्टर राघव का चाचा भी सेना है, जो रिटायर्ड फौजी वीर बहादुर के संपर्क में बताया जाता है। इन आरोपियों का 35 अभ्यर्थियों से सेना में भर्ती कराने के लिए तीन-तीन लाख रुपये में सौदा हो चुका था।
1057 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
थल सेना भर्ती कार्यालय में रविवार सुबह 1057 अभ्यर्थियों ने कड़ी निगरानी के बीच सेना की लिखित परीक्षा दी। केवल एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। सुबह दस बजे से 11 बजे तक परीक्षा हुई। अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में 50 नंबर के वैकल्पिक सवाल पूछे गए। परीक्षा का रिजल्ट सेना भर्ती कार्यालय में 10 दिसंबर को जारी होगा। सिंतबर माह में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें सहारनपुर, बुलंदशहर, बिजनौर, हापुड़, मुजफ्फरनगर और मेरठ के 87244 युवाओं ने आवेदन किए थे। 65 हजार युवाओं ने सहारनपुर में शारीरिक परीक्षा में भाग लिया था। जिसमें से 98 फीसदी युवा फिजिकल और मेडिकल में बाहर हो गए थे। 1058 अभ्यर्थियों को रविवार को हुई परीक्षा में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।
सेना भर्ती परीक्षा में अलर्ट थी टीम
सीओ एसटीएफ के अनुसार रविवार को कैंट स्थित सेना भर्ती कार्यालय में आयोजित लिखित परीक्षा को देखते हुए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग की टीम अलर्ट थी। शनिवार रात को ही एसटीएफ ने आर्मी क्षेत्र और आसपास के इलाके में जाल बिछा दिया था।
ऑनलाइन सिस्टम से टूटा नेटवर्क
सेना भर्ती में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद से दलालों का नेटवर्क टूट चुका है। फिजिकल में भी सेना ने मानक बदले हैं। ऐसे में सेना भर्ती में सेंधमारी नहीं हो सकती है। लेकिन इसके बावजूद दलाल पैसे ऐंठकर चपत लगा रहे हैं। सेना भर्ती को लेकर मिलिट्री इंटेलीजेंस के अफसर भी दलालों के नेटवर्क पर नजर रखे हुए थे। सेना के अफसर बताते हैं कि लोगों को ऐसे दलालों से सावधान रहने की जरूरत है। इस तरह फर्जीवाड़ा करने वालों के बारे में सूचनाएं दें।
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थल सेना भर्ती कार्यालय में रविवार सुबह 1057 अभ्यर्थियों ने कड़ी निगरानी के बीच सेना की लिखित परीक्षा दी। केवल एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। सुबह दस बजे से 11 बजे तक परीक्षा हुई। अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में 50 नंबर के वैकल्पिक सवाल पूछे गए। परीक्षा का रिजल्ट सेना भर्ती कार्यालय में 10 दिसंबर को जारी होगा। सिंतबर माह में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें सहारनपुर, बुलंदशहर, बिजनौर, हापुड़, मुजफ्फरनगर और मेरठ के 87244 युवाओं ने आवेदन किए थे। 65 हजार युवाओं ने सहारनपुर में शारीरिक परीक्षा में भाग लिया था। जिसमें से 98 फीसदी युवा फिजिकल और मेडिकल में बाहर हो गए थे। 1058 अभ्यर्थियों को रविवार को हुई परीक्षा में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।
सेना भर्ती परीक्षा में अलर्ट थी टीम
सीओ एसटीएफ के अनुसार रविवार को कैंट स्थित सेना भर्ती कार्यालय में आयोजित लिखित परीक्षा को देखते हुए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग की टीम अलर्ट थी। शनिवार रात को ही एसटीएफ ने आर्मी क्षेत्र और आसपास के इलाके में जाल बिछा दिया था।
ऑनलाइन सिस्टम से टूटा नेटवर्क
सेना भर्ती में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद से दलालों का नेटवर्क टूट चुका है। फिजिकल में भी सेना ने मानक बदले हैं। ऐसे में सेना भर्ती में सेंधमारी नहीं हो सकती है। लेकिन इसके बावजूद दलाल पैसे ऐंठकर चपत लगा रहे हैं। सेना भर्ती को लेकर मिलिट्री इंटेलीजेंस के अफसर भी दलालों के नेटवर्क पर नजर रखे हुए थे। सेना के अफसर बताते हैं कि लोगों को ऐसे दलालों से सावधान रहने की जरूरत है। इस तरह फर्जीवाड़ा करने वालों के बारे में सूचनाएं दें।
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