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प्रशासन के उत्पीड़न से चिकित्सकों में आक्रोश
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मेरठ। आईएमए हॉल में शुक्रवार को चिकित्सकों की आपातकालीन बैठक हुई। इसमें प्रशासन द्वारा डॉ. प्रवीण राठी और डॉ. दिनेश मोहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई से चिकित्सकों में आक्रोश है।
अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने चेताया कि प्रशासन द्वारा चिकित्सकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोरोना के कठिन समय में चिकित्सक अपनी एवं परिजनों की जान जोखिम में डालकर समाज सेवा में लगे हैं। इसके चलते 550 से अधिक चिकित्सकों की कोरोना से मौत हो चुकी है। प्रशासन अपनी लापरवाही छिपाने के लिए चिकित्सकों को निशाना बना रहा है।
प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क आदि का पालन नहीं करा पा रहा है। चिकित्सक कोरोना पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है। स्थानीय चिकित्सकों ने कोरोना से लड़ने के लिए मेडिकल कॉलेज एवं सीएमओ को कई बार मास्क तथा पीपीई किट उपलब्ध कराईं। पीएम केयर फंड में छह लाख से अधिक राशि दी। यदि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरंदाज कर सहयोग नहीं किया तो यह व्यवहार चिकित्सकों का मनोबल तोड़ने वाला होगा। ये कोरोना योद्धा लड़ाई लड़ने में असमर्थ होंगे। उपाध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता, सचिव डॉ. मनीषा त्यागी, उप सचिव डॉ. हिमानी अग्रवाल, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. ऋषि भाटिया, डॉ. विनीत नंदा, डॉ. आदेश धनकड़, डॉ. आशु मितल, डॉ. अनिल अरोड़ा, डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. सुमित उपाध्याय व अन्य रहे।
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सभा में बिंदू रखे
प्रशासन कोरोना की सूचना प्रणाली को सरल बनाए।
आपसी तालमेल से ही महामारी पीड़ित मरीजों की बेहतर सेवा संभव है।
एकतरफा कार्रवाई से चिकित्सक पूरी क्षमता से समाज सेवा करने में असमर्थ होंगे।
शासन चिकित्सकों से संबंधित निर्णय आईएमए पदाधिकारियों से विमर्श के पश्चात ही ले।
आईएमए का प्रतिनिधिमंडल सीएमओ, डीएम एवं कमिश्नर से मिलकर अपना पक्ष रखेगा।
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अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने चेताया कि प्रशासन द्वारा चिकित्सकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोरोना के कठिन समय में चिकित्सक अपनी एवं परिजनों की जान जोखिम में डालकर समाज सेवा में लगे हैं। इसके चलते 550 से अधिक चिकित्सकों की कोरोना से मौत हो चुकी है। प्रशासन अपनी लापरवाही छिपाने के लिए चिकित्सकों को निशाना बना रहा है।
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प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क आदि का पालन नहीं करा पा रहा है। चिकित्सक कोरोना पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है। स्थानीय चिकित्सकों ने कोरोना से लड़ने के लिए मेडिकल कॉलेज एवं सीएमओ को कई बार मास्क तथा पीपीई किट उपलब्ध कराईं। पीएम केयर फंड में छह लाख से अधिक राशि दी। यदि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरंदाज कर सहयोग नहीं किया तो यह व्यवहार चिकित्सकों का मनोबल तोड़ने वाला होगा। ये कोरोना योद्धा लड़ाई लड़ने में असमर्थ होंगे। उपाध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता, सचिव डॉ. मनीषा त्यागी, उप सचिव डॉ. हिमानी अग्रवाल, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. ऋषि भाटिया, डॉ. विनीत नंदा, डॉ. आदेश धनकड़, डॉ. आशु मितल, डॉ. अनिल अरोड़ा, डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. सुमित उपाध्याय व अन्य रहे।
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सभा में बिंदू रखे
प्रशासन कोरोना की सूचना प्रणाली को सरल बनाए।
आपसी तालमेल से ही महामारी पीड़ित मरीजों की बेहतर सेवा संभव है।
एकतरफा कार्रवाई से चिकित्सक पूरी क्षमता से समाज सेवा करने में असमर्थ होंगे।
शासन चिकित्सकों से संबंधित निर्णय आईएमए पदाधिकारियों से विमर्श के पश्चात ही ले।
आईएमए का प्रतिनिधिमंडल सीएमओ, डीएम एवं कमिश्नर से मिलकर अपना पक्ष रखेगा।