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10 प्रतिशत से अधिक साहित्यिक चोरी करने पर रद्द हो सकता है शोधपत्र : डॉ. एस श्रीरंजनी

Sun, 24 May 2026 08:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 08:21 PM IST
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Research paper may be rejected if plagiarism exceeds 10%: Dr. S. Sriranjani
आरजी पीजी कॉलेज में चल रहे 15 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का 10वां दिन सं
मेरठ। आरजी पीजी कॉलेज में रविवार को चल रहे 15 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दसवें दिन साहित्यिक चोरी, अनुसंधान नैतिकता और अकादमिक अखंडता पर व्याख्यान हुआ। ऑनलाइन सत्र की मुख्य वक्ता बेंगलुरु की बीजीएस बी-स्कूल की प्रोफेसर डॉ. एस श्रीरंजनी मोक्षगुंडम रहीं।
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उन्होंने कहा कि साहित्यिक चोरी अकादमिक अखंडता के विरुद्ध है। यूजीसी के अनुसार 10 प्रतिशत तक साहित्यिक चोरी स्वीकार्य है, लेकिन इससे अधिक होने पर शोध पत्र रद्द, डिग्री रोकने या निष्कासन तक की कार्रवाई हो सकती है। गंभीर मामलों में कॉपीराइट धारक कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शोध सत्य की खोज है और डिजिटल शॉर्टकट्स से बचते हुए बौद्धिक ईमानदारी बनाए रखना जरूरी है। दूसरों के विचारों का उचित हवाला देना कमजोरी नहीं, बल्कि नैतिक विद्वान की पहचान है।
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कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. गरिमा मलिक ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम इंटीग्रेटेड इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (तमिलनाडु), स्टेट इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ मदुरा (इंडोनेशिया) और रघुनाथ गर्ल्स पीजी कॉलेज, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में 15 मई से 29 मई तक चल रहा है।
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