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50 से ज्यादा रेमड़ेसिविर इंजेक्शन अस्पतालों से वापस मंगाए
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50 से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन अस्पतालों से वापस मंगाए
मेरठ। कोविड के मरीजों को ठंड लगने और खुजली की शिकायत के बाद निजी अस्पतालों को दिए गए एक कंपनी के 50 से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग ने वापस मंगा लिए हैं। इसकी एक रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी है। लैब में इनकी जांच कराई जाएगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल इस कंपनी के रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल रोक दिया गया है।
मेरठ के दो निजी अस्पताल (न्यूटिमा व लोकप्रिय) में मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन देने से ठंड लगने और खुजली होने की शिकायत थी। एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि कैडिला कंपनी के इंजेक्शन थे, अभी उनके इस्तेमाल को रुकवा दिया गया है।
न्यूटिमा अस्पताल के एमडी डॉक्टर संदीप गर्ग का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन रामबाण नहीं है। मरीजों के परिजन जबरन इसे लगवाने कोशिश करते हैं, उन्हें समझाया जाता है मगर कई बार मानने को तैयार नहीं होते। तीमारदारों को चाहिए कि वह डॉक्टर को इलाज करने दें, ताकि मरीज स्वस्थ हो सके। खुद की बताई दवाओं से चिकित्सक से इलाज कराना सही नहीं है।
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मेरठ। कोविड के मरीजों को ठंड लगने और खुजली की शिकायत के बाद निजी अस्पतालों को दिए गए एक कंपनी के 50 से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग ने वापस मंगा लिए हैं। इसकी एक रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी है। लैब में इनकी जांच कराई जाएगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल इस कंपनी के रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल रोक दिया गया है।
मेरठ के दो निजी अस्पताल (न्यूटिमा व लोकप्रिय) में मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन देने से ठंड लगने और खुजली होने की शिकायत थी। एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि कैडिला कंपनी के इंजेक्शन थे, अभी उनके इस्तेमाल को रुकवा दिया गया है।
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न्यूटिमा अस्पताल के एमडी डॉक्टर संदीप गर्ग का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन रामबाण नहीं है। मरीजों के परिजन जबरन इसे लगवाने कोशिश करते हैं, उन्हें समझाया जाता है मगर कई बार मानने को तैयार नहीं होते। तीमारदारों को चाहिए कि वह डॉक्टर को इलाज करने दें, ताकि मरीज स्वस्थ हो सके। खुद की बताई दवाओं से चिकित्सक से इलाज कराना सही नहीं है।
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