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राहत: लोहिया नगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट को मंजूरी
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राहत: लोहिया नगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट को मंजूरी
मेरठ। गांवड़ी के बाद अब हापुड़ रोड स्थित लोहिया नगर डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगेगा। इसकी निस्तारण क्षमता 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी। साथ ही गांवड़ी के 150 मीट्रिक टन के प्लांट की क्षमता दोगुनी कर 300 मीट्रिक टन करने की मंजूरी भी मिली है। नगर निगम प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी मांग ली है। इसी सप्ताह प्लांट की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
महानगर से रोजाना 800 से 1000 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। एनजीटी के आदेशानुसार कूड़े का निस्तारण रोजाना होना चाहिए। लेकिन अक्तूबर 2019 तक नगर निगम कूड़े का निस्तारण नहीं कर पाया था। जिसके चलते गांवड़ी और लोहिया नगर के अलावा मंगतपुरम में भी कूड़े की पहाड़ियां बननी शुरू हो गईं थीं। एनजीटी से कई बार फटकार लगने के बाद निगम ने दिसंबर 2019 में गांवड़ी में 150 मीट्रिक टन क्षमता का कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया। जिसका संचालन किया जा रहा है।
मंगतपुरम प्लांट वेटिंग में
निगम प्रशासन ने लोहिया नगर और मंगतपुरम में भी कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने और गांवड़ी प्लांट का विस्तार करने की डीपीआर शासन को भेजी थी। जिस पर शासन से लोहिया नगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने और गांवड़ी प्लांट के विस्तार की मंजूरी मिल गई। मंगतपुरम को वेटिंग में डाल दिया गया है।
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200-400 मीट्रिक टन कूड़ा चुनौती बनेगा
गांवड़ी और लोहिया नगर पर कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन ठीक से करने पर ही 600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण रोजाना होगा। लेकिन इसके बावजूद 200 से 400 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण चुनौती बनेगा। हालांकि माना जा रहा है कि इन दोनों प्लांटों की सफलता के बाद ही मंगतपुरम में प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
हो जाएगी समस्या खत्म
नगर आयुक्त डॉ. अरविंद चौरसिया का कहना है कि शासन से प्लांट की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी के लिए पत्र लिखा गया है। इसी सप्ताह प्लांट की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दोनों प्लांट चालू होने के बाद शहर में कूड़े की समस्या खत्म होने वाली है।
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मेरठ। गांवड़ी के बाद अब हापुड़ रोड स्थित लोहिया नगर डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगेगा। इसकी निस्तारण क्षमता 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी। साथ ही गांवड़ी के 150 मीट्रिक टन के प्लांट की क्षमता दोगुनी कर 300 मीट्रिक टन करने की मंजूरी भी मिली है। नगर निगम प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी मांग ली है। इसी सप्ताह प्लांट की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
महानगर से रोजाना 800 से 1000 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। एनजीटी के आदेशानुसार कूड़े का निस्तारण रोजाना होना चाहिए। लेकिन अक्तूबर 2019 तक नगर निगम कूड़े का निस्तारण नहीं कर पाया था। जिसके चलते गांवड़ी और लोहिया नगर के अलावा मंगतपुरम में भी कूड़े की पहाड़ियां बननी शुरू हो गईं थीं। एनजीटी से कई बार फटकार लगने के बाद निगम ने दिसंबर 2019 में गांवड़ी में 150 मीट्रिक टन क्षमता का कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया। जिसका संचालन किया जा रहा है।
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मंगतपुरम प्लांट वेटिंग में
निगम प्रशासन ने लोहिया नगर और मंगतपुरम में भी कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने और गांवड़ी प्लांट का विस्तार करने की डीपीआर शासन को भेजी थी। जिस पर शासन से लोहिया नगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने और गांवड़ी प्लांट के विस्तार की मंजूरी मिल गई। मंगतपुरम को वेटिंग में डाल दिया गया है।
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200-400 मीट्रिक टन कूड़ा चुनौती बनेगा
गांवड़ी और लोहिया नगर पर कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन ठीक से करने पर ही 600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण रोजाना होगा। लेकिन इसके बावजूद 200 से 400 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण चुनौती बनेगा। हालांकि माना जा रहा है कि इन दोनों प्लांटों की सफलता के बाद ही मंगतपुरम में प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
हो जाएगी समस्या खत्म
नगर आयुक्त डॉ. अरविंद चौरसिया का कहना है कि शासन से प्लांट की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी के लिए पत्र लिखा गया है। इसी सप्ताह प्लांट की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दोनों प्लांट चालू होने के बाद शहर में कूड़े की समस्या खत्म होने वाली है।