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रियल पॉलिटिक्स कर रही मोदी सरकार : वीके सिंह
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Wed, 13 Jul 2016 01:46 AM IST
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वीके सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि चाबहार समझौता भारत के लिए दीर्घकालीन फायदे वाला साबित होगा। इससे भारत की दूसरे देशों से व्यापारिक, कूटनीतिक, राजनयिक संबंधों की नई शुरुआत हुई है। यह नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति की बड़ी सफलता है। इस समय मोदी सरकार आइडियोलॉजिकल की बजाय रियल पॉलिटिक्स कर रही है।
मंगलवार देर शाम अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने बृहस्पति भवन में चाबहार समझौते पर सेमिनार का आयोजन किया। मुख्य अतिथि विदेश राज्यमंत्री एवं गाजियाबाद के सांसद जनरल वीके सिंह ने कहा कि चाबहार का अपना इतिहास रहा है।
इसकी भौगोलिक और राजनीतिक तौर पर अलग छाप है। चीन के आर्थिक कॉरिडोर को देखते हुए भारत के लिए चाबहार महत्वपूर्ण समझौता है। 1990 से शुरू हुई कोशिशों को मोदी सरकार ने अंतिम रूप दिया है। इससे अफगानिस्तान, रूस और मध्य एशिया के देशों के लिए नया व्यापारिक मार्ग खुल गया है। पाकिस्तान को अलग-थलग करके अब भारत सीधे दूसरे देशों से व्यापारिक संबंध बना सकता है। रूस से व्यापार करना 30 प्रतिशत सस्ता पड़ेगा। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का इस्तेमाल चाबहार के जरिये हो सकेगा। भारतीय कंपनियों ने चाबहार में अपने प्लांट लगाने शुरू कर दिए हैं। इससे फ्री ट्रेड एरिया मिलेगा।
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वीके सिंह ने कहा कि ईरान के साथ रक्षा समझौता भी हुआ है। मोदी सरकार के समय में विदेश नीति में नई गति आई है। आइडियल पॉलिटिक्स के कारण कई देशों से संबंध खराब हुए थे, लेकिन अब रियल पॉलिटिक्स की जा रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। चाबहार से भारत की रणनीतिक विजय हुई है। वीके सिंह ने कहा कि हमारे देश में इतनी प्रतिभाएं हैं कि अगर वह अपने देश के लिए काम करना शुरू करें, तो हम विश्व गुरू बन जाएंगे।
मेजर जनरल संजीव शुक्ला ने चाबहार को नया अध्याय बताया। सेमिनार का संचालन डॉ. एसएन गुप्ता ने किया। इस मौके पर कुलपति प्रो. एनके तनेजा, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, अनिल गुप्ता, डॉ. डीके पाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, राखी त्यागी, दर्शनलाल अरोड़ा, टीएन मल्होत्रा, नीरज त्यागी, अरुण वशिष्ठ, डा. अंजू वारियर आदि मौजूद थे।
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मंगलवार देर शाम अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने बृहस्पति भवन में चाबहार समझौते पर सेमिनार का आयोजन किया। मुख्य अतिथि विदेश राज्यमंत्री एवं गाजियाबाद के सांसद जनरल वीके सिंह ने कहा कि चाबहार का अपना इतिहास रहा है।
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इसकी भौगोलिक और राजनीतिक तौर पर अलग छाप है। चीन के आर्थिक कॉरिडोर को देखते हुए भारत के लिए चाबहार महत्वपूर्ण समझौता है। 1990 से शुरू हुई कोशिशों को मोदी सरकार ने अंतिम रूप दिया है। इससे अफगानिस्तान, रूस और मध्य एशिया के देशों के लिए नया व्यापारिक मार्ग खुल गया है। पाकिस्तान को अलग-थलग करके अब भारत सीधे दूसरे देशों से व्यापारिक संबंध बना सकता है। रूस से व्यापार करना 30 प्रतिशत सस्ता पड़ेगा। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का इस्तेमाल चाबहार के जरिये हो सकेगा। भारतीय कंपनियों ने चाबहार में अपने प्लांट लगाने शुरू कर दिए हैं। इससे फ्री ट्रेड एरिया मिलेगा।
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वीके सिंह ने कहा कि ईरान के साथ रक्षा समझौता भी हुआ है। मोदी सरकार के समय में विदेश नीति में नई गति आई है। आइडियल पॉलिटिक्स के कारण कई देशों से संबंध खराब हुए थे, लेकिन अब रियल पॉलिटिक्स की जा रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। चाबहार से भारत की रणनीतिक विजय हुई है। वीके सिंह ने कहा कि हमारे देश में इतनी प्रतिभाएं हैं कि अगर वह अपने देश के लिए काम करना शुरू करें, तो हम विश्व गुरू बन जाएंगे।
मेजर जनरल संजीव शुक्ला ने चाबहार को नया अध्याय बताया। सेमिनार का संचालन डॉ. एसएन गुप्ता ने किया। इस मौके पर कुलपति प्रो. एनके तनेजा, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, अनिल गुप्ता, डॉ. डीके पाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, राखी त्यागी, दर्शनलाल अरोड़ा, टीएन मल्होत्रा, नीरज त्यागी, अरुण वशिष्ठ, डा. अंजू वारियर आदि मौजूद थे।