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Meerut News: गाड़ी-बंगले के बाद भी ले रहे थे राशन, साढ़े तीन हजार निरस्त
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मेरठ। जरूरतमंदों के निवाले पर रसूखदार लगातार डाका डाल रहे थे। गाड़ी, बंगला होने के बावजूद वे सरकारी खाद्यान्न ले रहे थे। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में यह खुलासा हुआ और जिले में ऐसे अपात्र साढ़े तीन हजार लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं।
केस-1 :
माला निवासी भूड़बराल लगातार सरकारी खाद्यान्न ले रही थीं। पड़ोस के लोगों ने इस पर राशन विक्रेता से आपत्ति की। बाद में विभाग की ओर से जांच की गई तो पता चला कि गांव में अच्छा खासा बड़ा मकान और दो गाड़ियां भी घर में हैं। अब उनका कार्ड निरस्त कर दिया गया।
केस-2 :
रोहटा की रहने वाली कुसुम भी पात्र गृहस्थ परिवार के अंतर्गत सरकारी खाद्यान्न ले रही थीं। विभाग की ओर से जांच में पता चला कि बच्चे नोएडा में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं और दो गाड़ियां भी हैं। विभाग की ओर से उनका भी राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया।
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माला और कुसुम ही नहीं, जिलेभर में ऐसे साढ़े तीन हजार अपात्र व्यक्ति पकड़ में आए हैं, जो लगातार राशन ले रहे थे। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से कराए गए सर्वे के बाद इन सभी के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं।
डीएसओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार सर्वे किया जाता है। शुरुआत में लोग पात्रता की श्रेणी में आते हैं, लेकिन बाद में साधन संपन्न हो जाते हैं तो उनके कार्ड निरस्त कर दिए जाते हैं। एआरओ किशोर कुमार ने बताया कि जिलेभर में ऐसे साढ़े तीन हजार उपभोक्ता पकड़ में आए हैं, जो अपात्र होते हुए भी सरकारी खाद्यान्न ले रहे थे। इन सभी के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। मामले में शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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केस-1 :
माला निवासी भूड़बराल लगातार सरकारी खाद्यान्न ले रही थीं। पड़ोस के लोगों ने इस पर राशन विक्रेता से आपत्ति की। बाद में विभाग की ओर से जांच की गई तो पता चला कि गांव में अच्छा खासा बड़ा मकान और दो गाड़ियां भी घर में हैं। अब उनका कार्ड निरस्त कर दिया गया।
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केस-2 :
रोहटा की रहने वाली कुसुम भी पात्र गृहस्थ परिवार के अंतर्गत सरकारी खाद्यान्न ले रही थीं। विभाग की ओर से जांच में पता चला कि बच्चे नोएडा में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं और दो गाड़ियां भी हैं। विभाग की ओर से उनका भी राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया।
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माला और कुसुम ही नहीं, जिलेभर में ऐसे साढ़े तीन हजार अपात्र व्यक्ति पकड़ में आए हैं, जो लगातार राशन ले रहे थे। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से कराए गए सर्वे के बाद इन सभी के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं।
डीएसओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार सर्वे किया जाता है। शुरुआत में लोग पात्रता की श्रेणी में आते हैं, लेकिन बाद में साधन संपन्न हो जाते हैं तो उनके कार्ड निरस्त कर दिए जाते हैं। एआरओ किशोर कुमार ने बताया कि जिलेभर में ऐसे साढ़े तीन हजार उपभोक्ता पकड़ में आए हैं, जो अपात्र होते हुए भी सरकारी खाद्यान्न ले रहे थे। इन सभी के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। मामले में शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।